सोमवार, 5 दिसंबर 2022

ज्योतिष और भाग्य, क्या दोनों का आपस मे कोई संबंध है????

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संसार भर के धर्मग्रंथ पढ़ने और उनका मूल मन्तव्य समझने के उपरान्त यही स्पष्ट होता है कि वर्तमान समाज मे भ्रांतियां ज्यादा प्रचलित हुई हैं जबकि धर्मग्रंथों में उन भ्रांतियों का कोई उल्लेख ही नहीं। इसी प्रकार ज्योतिष और भाग्य का आपस मे कैसे संबंध जुड़ा, अपने आप मे रहस्य है। भाग्य शब्द में "भा" प्रकाश का धोतक है वंही "ग्य" शब्द मूल धातु गमन से लिया गया है। संस्कृत के मूल अर्थ में भाग्य शब्द का अर्थ "प्रकाश का गमन अथवा सूर्य के गमन अथवा सूर्य के आकाश में विचरण से संबंधित है। जिस प्रकार सूर्य के गमन से प्रकृति में परिवर्तन आता है उसी प्रकार मानव जीवन मे परिवर्तन को भाग्य शब्द दिया गया। ज्योतिष शास्त्र भाग्य नही पड़ता अपितु जीवन मे होने वाली घटना को पढ़ता है। अमुक व्यक्ति का विवाह कब होगा? ये घटना है न कि भाग्य। पत्नी सुशील होगी या कलह प्रिय ये भाग्य है?

भाग्य पर किसी का कोई नियंत्रण नही अपितु ये भ्रमाण्ड के चयन पर निर्भर करता है। यही कारण है कि किसी का जन्म धनाढ्य परिवार में तो किसी का जन्म गरीब परिवार में।  मेरे पिता अक्सर कहते थे, लाभ हानि, जीवन मरण,यश अपयश सब विधि के हाथ। अतः घटना का अध्यन ज्योतिष है, भाग्य का नहीं।

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