रविवार, 22 जुलाई 2018

आज का राशिफल ।। 23 जुलाई 2018।।

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पंडित आशीष त्रिपाठी
।। माँ काली आप पर सदैव कृपा बनाए रखे ।।
आज का राशिफल ।। 23 जुलाई 2018।।

मेष (Aries)
पुराना रोग उभर सकता है। जल्दबाजी न करें। चोट व दुर्घटना का भय है। कुसंगति से हानि होगी। धैर्य रखें।

वृष (Taurus)
राजकीय बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। आय में वृद्धि होगी।

मिथुन (Gemini)
संपत्ति की खरीद-फरोख्त होगी। लाभ के मौके प्राप्त होंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी।

कर्क (Cancer)
विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। रोजगार में सफलता मिलेगी।

सिंह (Leo)
विवाद को बढ़ावा न दें। पुराना रोग उभर सकता है। दौड़धूप अधिक रहेगी। लाभ के अवसर टलेंगे।

कन्या (Virgo)
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रयास कम, लाभ अधिक होगा। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। प्रसन्नता रहेगी।

तुला (Libra)
अतिथियों पर समय व धन व्यय होंगे। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। विवाद न करें। प्रसन्नता रहेगी।

वृश्चिक (Scorpio)
बेरोजगारी दूर होगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। कारोबार में वृद्धि होगी।

धनु (Sagittarius)
विवाद न करें। व्ययवृद्धि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। वस्तुएं संभालकर रखें। हानि संभव है।

मकर (Capricorn)
रुका हुआ धन प्राप्त होगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। चिंता बनी रहेगी।

कुंभ (Aquarius)
योजना फलीभूत होगी। कारोबारी नए अनुबंध हो सकते हैं। कार्यस्थल पर सुधार लाभ देगा।

मीन (Pisces)
कोर्ट व कहचरी में बाधा दूर होगी। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा।

Posted By PT ASHISH TRIPATHIजुलाई 22, 2018

WHO IS GOD कौन है भगवान ?

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WHO IS GOD कौन  है भगवान ?


जब भी हम भगवान की बात करते है है तो बचपन से देखी  गई  सभी भगवान की तश्वीरे दिमाग में घूमने  लगती है   और ये जवाब आता है की हम भगवान  को मानते तो है लेकिन जानते नहीं है जानते इसलिए नहीं है की क्योंकि आज तक हमने भगवान  के वास्तविक स्वरुप को देखा  ही नहीं / हा चित्रो के माध्यम से और  मूर्तियों और चमत्कारों को काफी  सुने  देखे लेकिन ये  नहीं मालूम  है की  ये करता कौन है और  कैसे है ?   इसका जवाब आज तक नहीं मिला ?

फिर ईश्वर और भगवान में अन्तर क्या है  ईश्वर  का दूसरा रूप भगवान है ?

ईश्वर एक है  उसके अवतार अलग अलग है ?

 क्या उस अवतार को ही भगवान कहा जाता है ?

आखिर में हमने भगवान  जो ईश्वर  है के अवतरित रूप है को मान लेते है जैसे राम और श्री कृष्णा जिसको पड़ा है  किताबो में और देखा है ऐतिहासिक धरोहर में / और आज भी उनसे सम्बंधित चीज़े मिल जाती है /

तो हमे भगवान   के स्वरुप पर विश्वास  करना होगा   अब सवाल  ये है की भगवान कौन  हो सकता है अर्थात भगवान  के अन्दर वो कौन से तत्त्व या गुण जो उन्हे  ईश्वर से प्राप्त होते है / जो उन्हे अवतारी पुरुष  ( भगवान ) बना देते है ?

भगवान  शब्द भाग+वान  और भाग्य +वान  से मिलकर बना है जिसका अर्थ भाग+वान अर्थात ईश्वर के भाग (तत्वों को धारण करने वाला और दूसरा भाग्य +वान जो शुभता को धारण करने वाला है अर्थ   दोनों का एक ही आता है /

वो गुण भाग जो ईश्वर ने उस अवतारी  पुरुष को  दिए कौन से है वो गुण जो ईश्वर ने उस अवतारी पुरुष को दिए

वो गुण है ०१:-यश ०२:-कर्म ०३ धैर्य ०४:- ज्ञान ०५:-सौन्दर्य  ०६:-प्रेम

ये गुण  या तत्व उस अवतारी   पुरुष में बराबर मात्रा में होते है अर्थात 18 -18 प्रतिशत  18 गुणा 6 =108

108 कैसे वो ऐसे की 12 राशियाँ और 09 ग्रह =108 जो है और सिद्ध हो  चुका है / और हम यह भी जानते है की अगर कुंडली में 18 गुण मिल जाते है तो शादी को शुभ माना जाता है / कुंडली क्या है और इसका हिन्दू धर्म से क्या वास्ता है ये अलग लेख में पता चलेगा  जो अलग विषय है /

अर्थात भगवान तत्वों या गुणों से परिपूर्ण है जो श्रेष्ठ है जो ईश्वर है दूसरे शब्दों में जो सभी तत्वों से परिपूर्ण है

वो भगवान है /

जैसे हमारे सनातन धर्म में भगवान श्री राम और भगवान श्री कृष्णा जिन्होने अपने कर्म प्रेम धैर्य ज्ञान सौन्दर्य से समाज में एक नया सन्देश दिया /

इसलिए भगवान कहलाए अर्थात उस परम शक्ति के अवतार को भगवान कहते है /

ये मेरे अपने निजी विचार है इससे किसी का भी सहमत होना जरुरी नहीं है न ही किसी की भावनाओ को ठेस पहुचना मेरा मकसद है /

आशीष त्रिपाठी

स्वतंत्र लेखक व विचारक  

Posted By PT ASHISH TRIPATHIजुलाई 22, 2018