मंगलवार, 21 अगस्त 2018

आज का राशिफल 22 अगस्त 2018

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आज का राशिफल 22 अगस्त 2018

मेष (Aries)
कोर्ट-कचहरी में अनुकूलता रहेगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। झंझटों में न पड़ें। उधार दिया धन मिलने से राहत हो सकती है। जीवनसाथी का सहयोग उलझे मामले सुलझाने में सहायक हो सकेगा। वाहन सावधानी से चलाएं।

वृष (Taurus)
चोट, चोरी व विवाद से हानि संभव है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कुसंगति से हानि होगी। अपने काम से काम रखें। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें। आवास संबंधी समस्या हल होगी। आलस्य न करें। सोचे काम समय पर नहीं हो पाएंगे।

मिथुन (Gemini)
राजकीय बाधा दूर होकर लाभ होगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। क्रोध पर नियंत्रण रखें। लाभ होगा। रुके हुए काम समय पर पूरे होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। परिवार की समस्याओं का समाधान हो सकेगा। व्यापार में नई योजनाएं बनेंगी। व्यापार अच्छा चलेगा।

कर्क (Cancer)
भूमि व भवन संबंधी कार्य लाभ देंगे। रोजगार मिलेगा। शत्रु भय रहेगा। निवेश व नौकरी लाभ देंगे। व्यापार अच्छा चलेगा। कार्य के विस्तार की योजनाएं बनेंगी। रोजगार में उन्नति एवं लाभ की संभावना है। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। लाभदायक समाचार मिलेंगे।

सिंह (Leo)
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। विवाद न करें। सामाजिक एवं राजकीय ख्याति में अभिवृद्धि होगी। आर्थिक अनुकूलता रहेगी। रुका धन मिलने से धन संग्रह होगा। राज्यपक्ष से लाभ के योग हैं।

कन्या (Virgo)
उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। शत्रु सक्रिय रहेंगे। शोक समाचार मिल सकता है। थकान महसूस होगी। व्यावसायिक चिंता रहेगी। संतान के व्यवहार से कष्ट होगा। सहयोगी मदद नहीं करेंगे। व्ययों में कटौती करने का प्रयास करें। वाहन चलाते समय सावधानी रखें।

तुला (Libra)
मेहनत का फल मिलेगा। कार्यसिद्धि से प्रसन्नता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। परिवार में प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। व्यापार के कार्य से बाहर जाना पड़ सकता है। कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाएं रखें। धनार्जन होगा।

वृश्चिक (Scorpio)
अतिथियों का आवागमन रहेगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। स्वाभिमान बना रहेगा। नई योजनाओं की शुरुआत होगी। संतान की प्रगति संभव है। भूमि व संपत्ति संबंधी कार्य होंगे। पूर्व कर्म फलीभूत होंगे। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। व्यापार में इच्छित लाभ होगा।

धनु (Sagittarius)
बेरोजगारी दूर होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। जोखिम न लें। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें। सत्कार्य में रुचि बढ़ेगी। प्रियजनों का पूर्ण सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक चिंताएं दूर होंगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

मकर (Capricorn)
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्ययवृद्धि होगी। तनाव रहेगा। अपरिचितों पर विश्वास न करें। प्रयास में आलस्य व विलंब नहीं करना चाहिए। रुके हुए काम समय पर होने की संभावना है। विरोधी परास्त होंगे। यात्रा कष्टप्रद हो सकती है। धैर्य एवं संयम

कुंभ (Aquarius)
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रुका हुआ धन मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें। प्रियजनों से पूरी मदद मिलेगी। धन प्राप्ति के योग हैं। स्वयं के सामर्थ्य से ही भाग्योन्नति के अवसर आएंगे। संतान के कार्यों में उन्नति के योग हैं।

मीन (Pisces)
नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। स्वास्थ्य के प्रति सावधानी रखें। कार्यक्षमता एवं कार्यकुशलता बढ़ेगी। कर्म के प्रति पूर्ण समर्पण व उत्साह रखें। व्यापार में नई योजनाओं से लाभ होगा।

Posted By PT ASHISH TRIPATHIअगस्त 21, 2018

कृष्णमूर्ति पद्धयती में उच्च शिक्षा के योग :-

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कृष्णमूर्ति पद्धयती में उच्च शिक्षा के योग :-

कृष्ण मूर्ति पद्धयती के द्वारा हम यह जान सकते है की जातक उच्च शिक्षा में सफल होगा की नहीं अगर होगा तो वो उच्च शिक्षा रेगुलर करेगा या फिर डिस्टेंस से | अगर जातक एमबीए करना चाहता है तो एमबीए में उसको कौन सी फिल्ड सही रहेगी ये सब हम कुंडली के द्वारा और श्री कृष्ण मूर्ति पद्धयती में बताय गए सूत्रों से जान सकते है | उच्च शिक्षा का अर्थ स्नातक के बाद करने वाले कोर्से जैसे  एमबीए पीएचडी आदि |
इसके लिए निम्न लिखित नियम देखना जरुरी है .....
कस्प कुंडली में नवम भाव नवम भाव के स्वामी और इसके उप नक्षत्रस्वामी |
नवम भाव के स्वामी अपने उपनक्षत्रस्वामी के द्वारा इंगित करे चौथे भाव को या नवम भाव को या एकादश भाव को तीनो में किसी एक को या तीनो को |
नवम भाव के स्वामी अपने उपनक्षत्रस्वामी के द्वारा इंगित न करे चौथे भाव को या नवम भाव को या एकादश भाव को | बल्कि  इंगित करे तीसरे भाव या आठवे भाव को | 
क्योंकि चौथा भाव का द्वादश भाव है तृतीय भाव जो अनियमितता को दर्शाता है वही नवम भाव का द्वादश भाव है अष्टम भाव को जो उच्च शिक्षा की असफलता को दर्शाता है |
साथ में हमे यह भी देखना है की प्रश्न करते समय गोचर में नवम भाव के स्वामी व उपनक्षत्रस्वामी ग्रह वक्री तो नहीं है अगर वक्री है तो अभी उपयुक्त समय नहीं है या उच्च शिक्षा में देरी है |
इसलिए प्रश्न करते समय गोचर में ये ग्रह मार्गी रहे |
यदि नवम भाव के स्वामी कनेक्ट हो रहे है चौथे भाव से तो जातक रेगुलर शिक्षा ग्रहण करेंगे |
यदि नवम भाव के स्वामी कनेक्ट हो रहे है तृतीय भाव और साथ ही साथ नवम भाव दोनों के साथ तो जातक दूरस्थ शिक्षा ग्रहण करेंगे |
अगर जातक पी एच डी करना चाहता है तो इसके लिए हमें निम्न नियमो को देखना होगा :-
पी एच डी के लिए हम सभी जानते है की पी एच डी करने की बाद व्यक्ति अपने नाम के आगे डाक्टर लिखता है और डाक्टर या अस्पताल का घर है द्वादश भाव | इसलिए पी एच डी के लिए हमने द्वादश भाव उसके स्वामी और उसके नक्षत्र स्वामी को ध्यान में रखना है उनकी स्थित देखनी है |
द्वादश भाव के भाव स्वामी और उप नक्षत्र स्वामी यदि कैसे भी इंगित कर रहे है चौथे भाव  को नवम भाव को और 11 वे भाव को यहाँ पर सिर्फ एक भाव को न देखे अर्थात 12वे भाव का सम्बन्ध (भाव स्वामी और उप नक्षत्र स्वामी) 11+9 या 11+4 या 9+4 इन तीन स्थितियों में कोई एक स्थित बने |
साथ में जातक के जन्मपत्री में शनि का भी सम्बन्ध 11+9 या 11+4 या 9+4 इन तीन स्थितियों में कोई एक स्थित बने | क्योंकि शनि रिसर्च के कारक गहरी सोच के कारक माने जाते है |
तीसरा की जातक जब पी एच डी करता है तो उसे थिसेस लिखनी पड़ती है और वो थिसेस ही निर्णायक सिद्ध होती है जातक के पी एच डी के लिए | और हम जानते है की लेखन के लिए तृतीय भाव को देखते है |
तृतीय भाव के भाव स्वामी उपनक्षत्र स्वामी का सम्बन्ध चौथे भाव नवम भाव या ११ वे भाव से बनना जरुरी है |
एम् बी ए
अगर हम उच्च सिक्षा में एम् बी ए की बात करे तो इसके लिए आज हर कोई जानना चाहता है या ये कहे की एम् बी ए के क्षेत्र में प्रत्येक व्यक्ति जाना चाहता है क्योंकि उनको लगता है की इसके द्वारा नौकरी आसानी से मिल सकती है |
एम् बी ए के लिए हमे यह देखना है की नवम भाव का सम्बन्ध बुध ग्रह के साथ होना जरुरी है जैसे
नवम भाव में मिथुन या कन्या राशि जो बुध की है वो हो
या नवम भाव के उप नक्षत्र स्वामी बुध बने
या बुध स्वयं नवम भाव में बैठे हो |
और बाकि नियम उपरोक्त तरह ही रहेंगे चतुर्थ भाव नवम भाव व एकादश भाव का सम्बन्ध बने |
अब प्रश्न ये उठता है की एम् बी ए की विषय से करे
जैसे MBA in Finance, MBA in Marketing, MBA in HR
MBA in Finance के लिए शुक्र का सम्बन्ध नवम भाव व दुसरे भाव से बने |
MBA in Marketing के लिए नवम भाव का सम्बन्ध चर राशियों से बने |
MBA in HR के लिए नवम भाव का सम्बन्ध शनि के साथ व साथ ही साथ गुरु ग्रह  के साथ भी बने |

Posted By PT ASHISH TRIPATHIअगस्त 21, 2018