शुक्रवार, 13 जुलाई 2018

आज का राशिफल 14 जुलाई 2018

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आज का राशिफल 14 जुलाई 2018
पंडित आशीष त्रिपाठी
आपका दिन मंगलमय हो

मेष (Aries)
विरोधी सक्रिय रहेंगे। भागदौड़ रहेगी। दु:खद समाचार मिल सकता है। परिवार की चिंता रहेगी। विवाद न करें।

वृष (Taurus)
पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। प्रयास सफल रहेंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। शत्रु भय रहेगा। प्रमाद न करें।

मिथुन (Gemini)
यात्रा सफल रहेगी। अतिथि आगमन होगा। शुभ समाचार मिलेंगे। आत्मसम्मान बढ़ेगा। विवाद न करें।

कर्क (Cancer)
लेन-देन में सावधानी रखें। चोट व रोग से बचें। यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ संभव है। प्रमाद न करें।

सिंह (Leo)
प्रेम-प्रसंग में जोखिम न लें। फालतू खर्च होगा। विवाद से क्लेश होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें।

कन्या (Virgo)
ऐश्वर्य पर खर्च होगा। धनागम होगा। बकाया वसूली होगी। यात्रा लाभप्रद रहेगी। प्रसन्नता रहेगी।

तुला (Libra)
नौकरी में अधिकार बढ़ेंगे। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। मान-सम्मान मिलेगा। लाभ होगा।

वृश्चिक (Scorpio)
कुबुद्धि हावी रहेगी। तंत्र-मंत्र में रुचि बढ़ेगी। कानूनी बाधा दूर होगी। धनार्जन होगा। अस्वस्थता रहेगी।

धनु (Sagittarius)
घर-परिवार की चिंता रहेगी। पुराना रोग उभर सकता है। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। जोखिम न लें।

मकर (Capricorn)
जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। राजकीय बाधा दूर होकर लाभ की स्‍थिति बनेगी। धनार्जन होगा।

कुंभ (Aquarius)
संतान पक्ष की चिंता रहेगी। संपत्ति की खरीद-फरोख्त संभव है। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे।

मीन (Pisces)
विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी।

Posted By PT ASHISH TRIPATHIजुलाई 13, 2018

माँ तुम हो क्या और तेरे बिन मैं हु क्या

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ज़िन्दगी कुछ धीमी सी है
सांसे भी थमी सी है
आज दिन भी उदास सा है
वो मन्नते मुरादे और वादे
ये सब आज क्यों याद है आते
तुम हो तो ज़िन्दगी ज़न्नत सी लगती है माँ
पर तेरे बिन ये मंदिर की मन्नत ही लगती है
तेरे बिन उदास सा हूँ
जज्बात तो है लेकिन खामोश से हूं
तुम्हारी वो सीख हिम्मत तो देती थी
पर तेरे बिना माँ ये दुनिया पैर खीच लेती है
इस दुनियां की भीड़ में अपने तो सारे है
लेकिन इन सब का साथ आसमान के तारे हैं
इनका मिलना जुलना अच्छा तो लगता हैं
पर तुम बिन सब बेगाना सा लगता हैं
तेरी वो डांट और छिपी हुई मुस्कराहट अच्छी लगती थी
पर ये दुनिया वालो की मुस्कराहट और छिपी हुई चाल साज़िश सी लगती है
मां तेरा होना ही सब कुछ था
पर सब कुछ तो है पर तु नही है
तेरा वो कड़कती धूप में पैदल चलना
मुझे गोद मे उठा कर तेरा न थकना
याद आता है
माँ आज फिर तेरा साथ याद आता है
माँ तुम हो क्या और तेरे बिन मैं हु क्या बता
तुम्हे नही पता था
छोड़ दिया है तुमने तोड़ दिया है तुमने
अच्छा ये बता वापस आएगी न
डांट के मुस्कराओगी न
बता न माँ बता न माँ

Posted By PT ASHISH TRIPATHIजुलाई 13, 2018