गुरुवार, 8 दिसंबर 2022

आज का पंचांग:: 9 दिसम्बर 2022, शुक्रवार,

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 आज का पंचांग::

9 दिसम्बर 2022,  शुक्रवार, विक्रमी सम्वत 2079, शाका 1944, पौष मास, कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष मास की प्रविष्टा 24, दक्षिणायन, दक्षिणगोल, हेमन्त ऋतु, तिथि प्रतिपदा दोपहर 11:35 तक तदनन्तर द्वितीया, नक्षत्र मृगशिरा दोपहर 2:59 तक तदनन्तर आर्द्रा, सूर्योदय 7:19am, सूर्यास्त 5:21pm, राहुकाल प्रातः 10:30 से 12:00

कल: पौष कृष्ण पक्ष प्रारम्भ




*मेष  बुद्धिमान लोगों की संगत का आनन्द लेंगे। आपकी लीडरशिप क्षमता की आज परीक्षा हो सकती है। घर के नवीनीकरण की योजना बना सकते हैं। इंटरव्यू आदि में सफलता मिलने के योग बन रहे हैं। ऑफिस के काम से यात्रा करनी पड़ेगी। अविवाहित लोगों का विवाह तय हो सकता है।


🐂 *वृषभ अपने लक्ष्यों को निर्धारित करके आगे बढ़ें। शाम के समय किसी आयोजन में सम्मिलित हो सकते हैं। गूढ़ विषयों के अध्ययन में रुचि लेंगे। आय के नये स्रोत विकसित हो सकते हैं। किसी समस्या पर परेशान होने के बजाय अपने लोगों की सलाह लें। मांगलिक कार्यक्रमों की योजना बनायेंगे।


👭 *मिथुन.  कार्यक्षेत्र में आप काफी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। किसी दूर के रिश्तेदार का घर में आगमन हो सकता है। वाणी में मिठास के कारण काम बन जायेंगे। परिजन आपसे प्रसन्न रहेंगे। भाग्य आपका भरपूर साथ देगा। बॉस आपको महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी दे सकते हैं।


🦀 *कर्क काम में चल रही रुकावटें दूर होंगी। दोपहर के बाद का समय आपके लिये अनुकूल हो जायेगा। ऑफिस में कुछ सहकर्मी आपके कार्यों का श्रेय लेने का प्रयास करेंगे। ठंडे और बासी प्रकृति का भोजन करने से बचें। आपके मन में सफलता को लेकर तीव्र इच्छा हो सकती है।


सिंह; जीवनसाथी से अपने मन की बातें शेयर करेंगे। व्यापार में आपको योजनायें बदलनी पड़ सकती हैं। बेवजह के खर्चे आपको परेशान कर सकते हैं। स्वार्थी व्यवहार के कारण आप लोगों की नजर में आ सकते हैं। मित्रों के साथ शाम के समय गेटटुगेदर की योजना बनायेंगे।


👧🏻 *कन्या प्रबन्धन क्षेत्र से जुड़े लोगों की आय बढ़ सकती है। विद्यार्थियों को परीक्षा में उत्तम परिणाम प्राप्त होंगे। कार्यक्षेत्र की परेशानियाँ समाप्त होंगी। सोशल मीडिया में आप काफी सक्रिय रहेंगे। दैनिक खर्चों में बढ़ोत्तरी हो सकती है। सरकारी जॉब कर रहे लोगों की आय में वृद्धि होगी।


⚖ *तुला आपके सम्पर्क क्षेत्र का दायरा बढ़ेगा। सामाजिक योजनाओं में धन खर्च करेंगे। मेहनत का सार्थक परिणाम प्राप्त होगा। जॉब में सहकर्मियों के साथ सम्बन्ध अच्छे रखें। प्रेमी जन से अपने दिल की भावना शेयर कर सकते हैं। दाम्पत्य जीवन सुखमय रहेगा।


🦂 *वृश्चिक परिवार के सदस्यों की चिन्ता रहेगी। बेवजह की चर्चाओं में अपना समय बर्बाद न करें। दैनिक खर्चों में वृद्धि होने की सम्भावना है। प्रेमी जन के साथ कहीं घूमने की प्लानिंग करेंगे। शाम के बाद स्थितियों में सुधार आयेगा।


🏹 धनु *आपका स्वास्थ्य काफी अच्छा रहने वाला है। शाम के समय नया काम शुरू न करें। दोपहर के बाद परिस्थितियाँ अनुकूल नहीं रहेंगी। सभी काम मनोयोग से करें वरना परिणाम थोड़े कष्टकारी भी हो सकते हैं। उधार दिया हुआ धन वापस मिल सकता है।।


🐊 *मकर वैवाहिक जीवन मधुर रहेगा। सम्पत्ति के क्रय-विक्रय से काफी लाभ होगा। बच्चे पढ़ाई पर काफी ध्यान देंगे। अल्प प्रयास से रुके हुये काम बन जायेंगे। कर्मचारियों के मध्य के आपसी विवाद समाप्त होंगे। जॉब में आपको बड़ी उपलब्धियाँ मिल सकती हैं।


⚱ *कुंभ घर की जरूरतों का ध्यान रखें। यदि किसी तरह के लोन के लिये प्रयास कर रहे हैं तो सफलता मिल सकती है। जॉब को लेकर उलझनें दूर होंगी। ऑफिस में राजनीति का माहौल रहेगा। प्रेम सम्बन्धों का आनन्द लेंगे।


मीन : प्रोफेशनल स्टडी कर रहे लोगों के लिये दिन शुभ है। घर में खुशहाली का माहौल रहेगा। आत्मविश्वास में कमी हो सकती है। पुरानी गलतियों को दोबारा न दोहरायें। अपच की समस्या हो सकती है। बुरी आदतों व संगत से बचें।

Posted By PT ASHISH TRIPATHIदिसंबर 08, 2022

कुंडली में सप्तम भाव , सप्तमेश , अन्य शुभ ग्रहों का पाप प्रभाव में होना , कमजोर होना , पीड़ित होने पर नही मिलता विवाह का सुख।

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 कुंडली में सप्तम भाव , सप्तमेश , अन्य शुभ ग्रहों का पाप प्रभाव में होना , कमजोर होना , पीड़ित होने पर नही मिलता विवाह का सुख।


       ✡️🚩 कुंडली के अनुसार 🚩✡️

           🎯 कब होगा विवाह..? 🎯

     ♥️ कैसा रहेगा वैवाहिक जीवन..? ♥️


🎯 जन्मकुंडली का 7वां भाव और इस भाव का स्वामी शादी के लिए जिम्मेदार होता है साथ ही वैवाहिक सुख के कारक ग्रह शुक्र(लड़के के लिए) और गुरु(लड़की के लिए) है।


🎯 जब सप्तम भाव का स्वामी, सप्तम भाव और कारक गुरु/शुक्र बलवान होकर पाप ग्रहो से मुक्त होते है तब वैवाहिक जीवन खुशहाल और अच्छा रहता है।


🎯 सप्तम भाव का स्वामी और शुक्र गुरु केंद्र या त्रिकोण स्थान में बैठे होते है साथ ही अस्त न हो, पीड़ित न हुए हो तब वैवाहिक जीवन अच्छा रहता है और सही उम्र में जातक/जातिका का विवाह हो जाता है।


🎯 इसके विपरीत सप्तम भाव और सप्तमेश पाप ग्रहो से पीड़ित हो गए हो, अस्त हो गए हो, 6, 8, 12वे भाव में हो तब विवाह होने में दिक्कते आती है या विवाह बहुत देर से दिक्कतो के बाद होता है।


🎯 आचार्य आनन्द जालान के अनुसार सप्तमेश(सप्तम भाव के स्वामी) या शुक्र(लड़के की कुंडली में) गुरु(लड़की की कुंडली में) अस्त नीच पीड़ित होगा या पाप ग्रहो या अस्त ग्रहो से सम्बन्ध बनाएगा तब शादी होने में काफी दिक्कते आती है और विवाह संबंधी ग्रहो की स्थिति ज्यादा ही ख़राब हो तब विवाह हो पाना भी मुश्किल होता और यदि हो भी जाता है तब विवाह सुख कुछ खास सही तरह से नही मिलता।


🎯 ऐसी स्थिति में विवाह सम्बंधित ग्रहो को उपाय से बल देने और जो भी ग्रह शादी में या शादी होने समस्या कर रहे हो उनकी शांति कराना ही सबसे बढ़िया उपाय होता है।


🎯 सप्तम भाव और सप्तमेश और कारक ग्रह गुरु/शुक्र जितना ज्यादा बढ़िया स्थिति में होगा उतना ही वैवाहिक जीवन बढ़िया और सुखद रहता है साथ ही विवाह की सही उम्र में हो जाता है। 


🎯 अब बात करते है सप्तम भाव / भावेश और कारक ग्रहो में से एक भी पीड़ित या ख़राब स्थिति में हो तब वैवाहिक जीवन और विवाह पर क्या असर पड़ता है ?


🎯 आचार्य आनन्द जालान के अनुसार सप्तम भाव या सप्तमेश पीड़ित हो , या सप्तमेश अस्त हो गया हो , या पाप ग्रहो से युक्त हो लेकिन कारक ग्रह शुक्र (लड़के की कुंडली में) गुरु (लड़की की कुंडली में) बलवान और शुभ स्थिति में हो तब जीवनसाथी का सहयोग तो बना रहता है लेकिन सप्तम भाव या सप्तम भाव के स्वामी की स्थिति ख़राब हो तब वैवाहिक जीवन का जो सुख मिलना चाहिए या वैवाहिक जीवन जो खुशहाल रहना चाहिए वह नही रह पाता ।


🎯 क्योंकि पति या पत्नी सुख का कारक ग्रह गुरु या शुक्र अच्छी स्थिति में होने पर जीवनसाथी का सहयोग तो मिलेगा या यह कहे जीवनसाथी की ओर से वैवाहिक सुख और सहयोग में कोई दिक्कत नहीं रहेगी लेकिन सप्तमेश या सप्तम भाव पीड़ित हो तब वैवाहिक सुख ठीक तरह से नही मिल पायेगा ।  


🎯 दोनों किसी न किसी कारण वश एक दूसरे से दूर रहेंगे या ऐसी स्थिति होगी कि वैवाहिक सुख में बाधाए बनी रहेगी लेकिन कारक ग्रह के सही होने से जीवनसाथी सहयोगी और प्यार करने वाला होगा।


🎯 इसी तरह सप्तम भाव/सप्तमेश ठीक हो और गुरु/शुक्र कारक ग्रह ठीक अवस्था में न हो पीड़ित आदि जैसी अवस्था में हो तब जीवनसाथी के ही सुख और सहयोग में कमी रहती है लेकिन शादी चलती रहती है।


🎯 पूरी तरह से दाम्पत्य जीवन का सुख तब ही अच्छा होता है जब सप्तम भाव, सप्तम भाव का स्वामी और कारक ग्रह शुक्र/गुरु बलवान और शुभ स्थिति में होते है।

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आचार्य आनन्द जालान

Posted By PT ASHISH TRIPATHIदिसंबर 08, 2022