शनिवार, 4 अगस्त 2018

1947 आज़ादी On Paper Part 1

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हिंदुस्तान से इंडिया तक

कभी कभी मुझे ये सोच कर बड़ा आश्चर्य और दुःख भी होता है कि क्या ये वही हिंदुस्तान है जिसको आज़ादी दिलाने के लिए हमारे शहीदों  ने अपने जान की कुर्बानी दी थी अगर वो भी चाहते और अपने देश से प्रेम  करते होते तो उस समय ही भारत को गुलाम बना रहने देते और शायद तब का हिंदुस्तान भ्रष्ट  होता /लेकिन नहीं उन्होने अपनी मात्र भूमि जहा पर उन्होंने जन्म लिया था कि रक्षा की और अपने प्राणों कों नयोछौवर कर दिया / लेकिन उन्हे क्या मालूम था की उनकी शहादत के बाद हिंदुस्तान यानि आज का इंडिया भ्रष्टा  चार गद्दारी और बेशर्मी की भेट चढ़ जायेगा / यहाँ तक की उन शहीदों की शहादत वाले दिन भी बहुत से राज 
नेता उन्हे भूल जाते है ,की आज उन वीर सपूतों को याद करना है
न्हे तो बस यही याद रहता है की कैसे नम्बर दो से पैसे कमाने है और स्विस बैंको में पैसा जमा करना है /उनका यही तो नारा है अपना काम बनता क्या जानेगी जनता 
लार्ड मैक्ले जब भारत आया था और वापस गया तो उसने एक ही बात कही थी की कौन कहता है भारत 
अशिक्षित है और गंदे लोगो का देश है और वहा के लोगो की संस्कृति और सभ्यता उनकी पहचान है /अगर भारत पर राज करना है तो उसकी जड़ो कों काटो और उसकी संस्कृति कों सबसे पहले नष्ट करो/क्योंकि उसकी जड़ो में संस्कृति सभ्यता और संस्कार कूट कूट कर भरे है अगर इन जड़ो कों काटना है तो इन जड़ो में अपनी भाषा यानि अंग्रेजी का पानी डालो /अगर ये हो गया तो इण्डिया पर 50 साल क्या 500 सालो तक राज किया जा सकता है और हुआ भी यही कल का हिन्दुस्तान आज का इंडिया जो बन गया है आज हर कोई इंग्लिश कों स्टेटस सिम्बल है 
अगर आपको इंग्लिश बोलनी नहीं आती है तो आप गिरे हुए नीचे लोगो में से है फिर चाहे आपके संस्कार सभ्यता और विचार भले क्यों  अच्छे हो लेकिन उनकी गिनती नहीं की जाती है। आज हर कोई इंग्लिश इंग्लिश और इंग्लिश बोलना चाहता है अगर आज लार्ड मैक्ले जिन्दा होता तो बहुत खुश होता 
दूसरी ओर पश्चिमी सभ्यता ने भी हमे जकड रखा है हमारी भारतीय संस्कृति के हिसाब से दीक्षा ग्रहण करते समय या उस दिन जब आपको सम्मान मिलता है तो साधारण और सुसज्जित कपडे पहनने होते है और उस दिन हवन पूजन भी होता है लेकिन पश्चमी सभ्यता में जकड़ा आज का भारत दीक्षांत समारोह वाले दिन काले गाऊन पहन कर शोभा बढाते है लेकिन क्या भारतीय संस्कृति के हिसाब से ऐसे शुभ दिन  काले कपड़े पहनना हमेशा अशुभ माना जाता है। लेकिन फिर भी आज क्या हो रहा है सभी जानते है  माँ
सरस्वती की फोटो भी रखी जाती है और दीप प्रजव्लित करके थोड़ी सी पूजा भी की जाती है लेकिन कुछ देर बाद ही डी जे की धूम में माँसरस्वती कों पीछे कर दिया जाता है और उसी स्टेज पर नाच गाना चालू हो जाता है क्या यही हमारी संस्कृति है / नहीं लेकिन फिर क्यों?

मैने ये सवाल कई लोगो से पूंछा लेकिन किसी के पास इसका जवाब नहीं था / कि क्यों हिंदुस्तान से इण्डिया होने पर ऐसा हुआ लेकिन कोई नहीं जानता लेकिन काफी खोजबीन के बाद मैने ये निष्कर्ष निकाला की हिन्दुस्तान में कुल  
शब्द होते है और इण्डिया मे 5 आप सोच रहे होंगे की इसका क्या मतलब है / मैं कोई अंक शास्त्री तो नहीं लेकिन फिर भी हिन्दुस्तान से इन्डिया में कुल 3 शब्दों का अंतर है और वो 3 शब्द है सभ्यता संस्कृति और संस्कार जो की आज के इण्डिया में नहीं है 
जब ये 3 चीजे ही हमारे पास नहीं है तो हॉल क्या होगा आप सभी जानते हो 
हम खुसहाल कैसे होंगे 
खुशहाल तो वो है जो आज भी अपने वतन को बेचने में जरा भी हिचकिचाते नहीं है /
जिसका ईमान ही बिक चुका हो वो क्या बेच सकता है आप अंदाज़ा भी नहीं लगा सकते हो
.लेकिन आज के समाज में पुलिस प्रसाशन और राज नेता सभी बिक चुके है कोई ईमानदार होकर बिकता है तो कोई बीच बाज़ार खुले आम .और जो इस भ्रष्टाचार भरी बाज़ार में अपने आप को नहीं बेच सकता अपनी ईमानदारी संस्कृति और सभ्यता उसको इस भारत में जीने का हक ही नहीं है
/यही है हिंदुस्तान से इन्डिया तक का सफ़र।


रपा दिया कहर चीर दिया शहर
हर तरफ हर ओर मचा है शोर
कही सड़क में गड़्डे है तो कही गड़्डे में सड़क
नेता भी नहीं है पीछे वो भी है तलवार खीचे
शायद जनता इसी से हमारी राजनिति सीचे
हर बार करते है हमारे सब काम दिखाने को
हर बार आते है किसी न किसी बहाने को 
क्या झूठा क्या सच्चा क्या पता
सबका मालिक एक है ये हमको है पता
जनता रोती है खीजती है
पर जीने को मजबूर है
लेकिन नेता कही मंदिर तो कही
खेल की राजनीती में मशगुल है
शहर शहर नहीं कब्रिस्तान बना है
इसलिए ही तो गड़्डे में रोज़ इन्सान मरा है
कभी प्रिंस तो कभी विनय तो कभी कल्लू है
मीडिया भी इन सब के पीछे सीधा करता अपना उल्लू है
सुना था कानून के हाथ काफी लम्बे है
इसलिए ही तो अपराधी इनसे हाथ मिलकर कर खडे है 
कभी सपना कभी ज्योति तो कभी कविता बनती है शिकार
क्योकि आज के युग में हर इन्सान के मन मे है विकार
कभी संसद में नेता तो कभी सड़क में लडते है साड़
अरे मेरे भाई यही तो नहीं है 
आज का हिन्दुस्तान

इस लेख में लिखी किसी भी बात से अगर किसी को कष्ट होता है तो उस 
के
लिए माफ कीजिए

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Posted By PT ASHISH TRIPATHIअगस्त 04, 2018

।। आज का राशिफल 5 अगस्त 2018 दिन रविवार ।।

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।। आज का  राशिफल 5 अगस्त 2018
दिन रविवार ।।
पंडित आशीष त्रिपाठी ।।

मेष (Aries)
बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। वरिष्ठ जन सहायता करेंगे। अप्रत्याशित लाभ होगा। यात्रा होगी। व्यावसायिक अथवा निजी काम से सुखद यात्रा हो सकती है। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। दूसरों से न उलझें। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।

वृष (Taurus)
अप्रत्याशित खर्च होंगे। तनाव रहेगा। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। वस्तुएं संभालकर रखें। जोखिम न लें। नए संबंधों के प्रति सतर्क रहें। भूल करने से विरोधी बढ़ेंगे। कार्यक्षेत्र का विकास एवं विस्तार होगा। उपहार मिल सकता है। संतान की चिंता दूर होगी।

मिथुन (Gemini)
रुका हुआ धन मिल सकता है। निवेश शुभ रहेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। स्वयं के ही प्रयासों से जनप्रियता एवं मान-सम्मान मिलेगा। रुका काम समय पर पूरा होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा, नई योजनाएं बनेंगी।

कर्क (Cancer)
वरिष्ठ जन सहायता करेंगे। रुके कार्यों में गति आएगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। रोजगार बढ़ेगा। सतर्कता से कार्य करें। संतान के व्यवहार से सामाजिक प्रतिष्ठा में कमी आ सकती है। व्यापार में नए अनुबंध आज नहीं करें। आर्थिक तंगी रहेगी।

सिंह (Leo)
तंत्र-मंत्र में रुचि बढ़ेगी। यात्रा मनोरंजक रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। बाहरी सहायता से काम होंगे। ईश्वर में रुचि बढ़ेगी। कामकाज की अनुकूलता रहेगी। व्यावसायिक श्रेष्ठता का लाभ मिलेगा। आपसी संबंधों को महत्व दें। पूंजी संचय की बात बनेगी।

कन्या (Virgo)
चोट व रोग से बचें। जल्दबाजी से हानि होगी। दूसरों पर विश्वास हानि देगा। कार्य में बाधा होगी। पत्नी से आश्वासन मिलेगा। स्वयं के निर्णय लाभप्रद रहेंगे। मानसिक संतोष, प्रसन्नता रहेगी। नए विचार, योजना पर चर्चा होगी। दूसरों की नकल न करें।

तुला (Libra)
घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। कार्यों में विलंब से चिंता होगी। मानसिक उद्विग्नता रहेगी। पारिवारिक जीवन संतोषप्रद रहेगा।

वृश्चिक (Scorpio)
संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। प्रसन्नता बनी रहेगी। व्यापार में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्य के विस्तार की योजनाएं बनेंगी। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी।

धनु (Sagittarius)
पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। प्रसन्नता रहेगी। धनार्जन होगा। रोजगार में उन्नति एवं लाभ की संभावना है। लाभदायक समाचार मिलेंगे। सामाजिक एवं राजकीय ख्याति में अभिवृद्धि होगी। व्यापार अच्छा चलेगा।

मकर (Capricorn)
शोक समाचार मिल सकता है। काम में मन नहीं लगेगा। विवाद से बचें। मेहनत अधिक होगी। आवास संबंधी समस्या हल होगी। आलस्य न करें। सोचे काम समय पर नहीं हो पाएंगे। व्यावसायिक चिंता रहेगी। संतान के व्यवहार से कष्ट होगा।

कुंभ (Aquarius)
घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। कार्य पूर्ण होंगे। आय बढ़ेगी। मनोरंजक यात्रा होगी। प्रसन्नता रहेगी। सहयोगी मदद नहीं करेंगे। व्ययों में कटौती करने का प्रयास करें। परिवार में प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। व्यापार के कार्य से बाहर जाना पड़ सकता है।

मीन (Pisces)
पुराने मित्र व संबंधी मिलेंगे। अच्‍छी खबर मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। जोखिम न लें। लाभ होगा। कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाएं रखें। आर्थिक अनुकूलता रहेगी। रुका धन मिलने से धन संग्रह होगा। राज्यपक्ष से लाभ के योग हैं। नई योजनाओं की शुरुआत होगी।

Posted By PT ASHISH TRIPATHIअगस्त 04, 2018

जन्म कुंडली लगभग सात प्रकार की होती हैं :

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जन्म कुंडली लगभग सात प्रकार की होती हैं  :


जन्म कुंडली जन्म की तिथि , समय  और जन्म के अनुसार निर्धारित  की गई ग्रहों की स्थिति होती है | और यह लग्न के संदर्भ में निर्धारित की जाती है | जन्म कुंडली व्यक्ति के जन्म का एक आकाशीय मानचित्र या नक्शा होती है यहनक्शा जन्म के समय पूर्वी क्षितिज पर उदय्रत राशि को आधार मानकर बनाया जाता इस राशि को लग्न राशि कहते है | जन्म कुंडली के प्रथम स्थान में यह राशि स्थापित की जाती है इसके पश्चात घडी की सुइयों की उलटे क्रम में अन्यशेष ११ राशियों को स्थापित किया जाता है | इसके बाद भाव स्थित राशियों में जन्म समय के समस्त ९ नौ गृह स्थापित कर दिए जाते हैं | जिस राशि में चन्द्र गृह होता है वह राशि व्यक्ति की जन्म राशि कहलाती है |
१. लग्न कुंडली —-  शरीर के विषय में जानकारी एवं विचार करने के लिए |
२. होरा कुंडली  —- धन संपत्ति के विषय में जानकारी एवं विचार करने के लिए |
३. द्रेश्कान कुंडली —- भ्रात-सुख  के विषय में जानकारी एवं विचार करने के  लिए |
४. सप्तांश कुंडली —  संतान के बारे में जानकारी एवं विचार करने के लिए |
५. नवांश कुंडली  —  स्त्री सुख के बारे में जानकारी एवं विचार के लिए |
६. द्वादशांश कुंडली  माता पिता के सुख के बारे में जानकारी एवं विचार करने के  लिए |
७. त्रिशांश कुंडली —-  कामनाओं एवं विशेष परेशानी की बातों के बारे में जानकारी  के लिए |जन्म कुंडली में ग्रहों की
स्थिति स्थिर रहती है | किसी भी समय जन्म कुंडली पर ग्रहों के देखे गए प्रभाव को गोचर कहा जाता है |इस प्रकार
उपरोक्त कुंडलियों द्वारा भविष्य के बारे में सभी प्रकार की जानकारी कर सकते हैं 

क्या कहती  है आपकी भाग्य कुंडली ?
क्या आप अपने पूर्वजों मे से एक है या किसी दूसरे परिवार से आए है ?
लोगो को जानने की इच्छा रहती है कि हम या हमारा बेटा या बेटी हमारे पूर्वजों मे से कोई एक जन्म लेकर आया है या कही दूसरे परिवार से आया है । या हम किसी की म्रत्यु के बाद जानना चाहते है कि म्रत्यु के बाद आदमी क्या बापिस हमारे खानदान मे जन्म लेगा । यह जानकर उत्सुकता बढ़ जाती है तथा दुखी इंसान को शांति मिल जाती है । और जन्म लेने वाले का या तो मान सम्मान बढ़ जाता है । अगर आपकी होरा कुंडली मे चंद्रमा की होरा हो तो आपको समझना चाहिए कि आपका जन्म अपने पूर्वजों मे से ही हुआ है । अगर जन्म के समय आपकी कुंडली मे सूर्य की होरा आ जाये तो समझना चाहिए कि आपका जन्म किसी दुसरे परिवार से आपका जन्म हुआ है । अगर आपकी होरा कुंडली मे चंद्रमा की होरा हो और चंद्रमा सूर्य की होरा मे बैठा हो समझना चाहिए कि मरने के बाद आप अपने परिवार मे जन्म नहीं लेंगे । आपका जन्म किसी दूसरे परिवार मे होगा या आप देवलोक चले जाओगे । अगर आपका जन्म सूर्य की होरा मे हुआ तथा सूर्य चंद्रमा की होरा मे बैठा हुआ है तो आप मरने के बाद अपने ही परिवार मे जन्म लेंगे । तथा अपने पिछले जन्म के अधूरे कार्यों को पूरा करेंगे ।

Posted By PT ASHISH TRIPATHIअगस्त 04, 2018