बुधवार, 21 दिसंबर 2022

आज का पंचांग: 22 दिसम्बर 2022, गुरुवार,

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आज का पंचांग: 22 दिसम्बर 2022,  गुरुवार, विक्रमी सम्वत 2079, शाका 1944, पौष मास, कृष्ण पक्ष, पौष मास की प्रविष्टा 7, दक्षिणायन, दक्षिणगोल, हेमन्त ऋतु, तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र ज्येष्ठा, सूर्योदय 7:27am, सूर्यास्त 5:25pm, राहुकाल दोपहर 1:30 से 3:00

कल: गण्डमूल विचार सुबह 6:33 से


*मेष  शुगर के रोगियों को तनाव और अत्यधिक मेहनत वाले कार्यों से बचना चाहिये। आपको अपनी छवि की काफी चिन्ता रहेगी। यात्रा काफी खर्चीली और उदासीन रहने वाली है। अपनी कमजोरियों पर पर्दा न डालें। जॉब में आपकी इच्छानुसार काम नहीं होंगे।


🐂 *वृषभ कारोबार में विस्तार करने के लिये अच्छा समय है। प्रेम सम्बन्धों में परस्पर विश्वास और मजबूती बढ़ेगी। आप अपने लक्ष्य को लेकर काफी सक्रिय रहेंगे। वैवाहिक जीवन की उथल-पुथल शान्त हो सकती है। शुभचिन्तक आपको अच्छी सलाह देने का प्रयास करेंगे।


👭 *मिथुन.  विरोधी आपके हितैषियों से आपकी आलोचना कर सकते हैं। परिजनों के साथ आप अच्छा समय बितायेंगे। अति आत्मविश्वासी रवैये से आपको बचना चाहिये। जॉब में आपके ऊपर ज़िम्मेदारी का दबाव बढ़ेगा। लेकिन आप सब आसानी से सम्भाल लेंगे।


🦀 *कर्क अपने कार्यक्षेत्र में अचानक धन लाभ हो सकता है। सन्तान के करियर की चिन्ता दूर होगी। आज आप दोस्तों के साथ गेम्स में काफी रुचि ले सकते हैं। रचनात्मक विचारों के कारण लोगों के बीच आपकी लोकप्रियता में वृद्धि हो सकती है। साझेदारों के साथ मतभेद दूर होंगे।


सिंह; सम्पत्ति के क्रय-विक्रय को लेकर विवाद हो सकता है। धन को लेकर किसी से वायदा न करें। यदि काम पर आप एकाग्र नहीं हो पा रहे हैं तो आपको कुछ नया सीखने का प्रयास करना चाहिये। अपने निजी कार्य दूसरों के विश्वास में न छोड़ें। विद्यार्थी अपनी पढ़ाई को लेकर काफी चिन्तित रहेंगे।


👧🏻 *कन्या अधीनस्थ कर्मचारियों के कारण आपके काम में कुछ परेशानियाँ आ सकती हैं। अपरिचित लोगों से अपनी निजी बातें शेयर न करें। आप अपनी ही बातों में उलझ जाते हैं। इसीलिये शब्द चयन में सावधानी रखें। काम समय पर होने के कारण आपका मनोबल बढ़ा हुआ रहेगा। माता की सेहत का ध्यान रखें।


⚖ *तुला अधीनस्थ कर्मचारियों के कारण आपके काम में कुछ परेशानियाँ आ सकती हैं। अपरिचित लोगों से अपनी निजी बातें शेयर न करें। आप अपनी ही बातों में उलझ जाते हैं। इसीलिये शब्द चयन में सावधानी रखें। काम समय पर होने के कारण आपका मनोबल बढ़ा हुआ रहेगा। माता की सेहत का ध्यान रखें।


🦂 *वृश्चिक धार्मिक कार्यकलापों और मन्त्र आदि में आपकी रुचि बढ़ेगी। ऑफिस में आपकी सराहना होगी। अनुसन्धान सम्बन्धी प्रोजेक्ट्स से जुड़े लोगों को बहुत बड़ी सफलता मिल सकती है। परिवार को भी आप आज पर्याप्त समय देंगे। छोटे कारोबारियों की आय में वृद्धि होगी।


🏹 धनु *घर में किसी बात के कारण आपके ऊपर दबाव बन सकता है। किसी अपने के व्यवहार से आपका हृदय दुखी होगा। अपने शत्रुओं को कमजोर समझने की गलती न करें। छात्र अपने करियर को लेकर थोड़े भ्रमित हो सकते हैं। इसीलिये आज कोई बड़ा निर्णय लेने से आपको बचना चाहिये।


🐊 *मकर वैवाहिक जीवन प्रेम और रोमांस से भरपूर रहने वाला है। होटल और पर्यटन से जुड़े कारोबार में आय काफी तेजी से बढ़ने की सम्भावना है। घर में मेहमानों का आगमन हो सकता है। जॉब में स्थान-परिवर्तन करने के लिये दिन शुभ है। नयी पॉलिसी में धन निवेशित कर सकते हैं।



⚱ *कुंभ आज आप अपने सहकर्मियों और विरोधियों के ऊपर काफी हावी रहेंगे। कई दिनों से चला आ रहा तनाव आज दूर होगा। समाज और कार्यक्षेत्र में लोग आपका काफी सम्मान करेंगे। परिजनों के साथ शॉपिंग के लिये जा सकते हैं। कारोबार में नये सहयोगी जुड़ सकते हैं।


मीन : आपके सुझावों से बाँकी लोगों को काफी अच्छा लाभ होगा। बच्चों के साथ खेलकूद का आनन्द लेंगे। शत्रु आपका मनोबल तोड़ने का प्रयास करेंगे पर सफल नहीं होंगे। आध्यात्मिक विषयों और दर्शन को लेकर उत्साहित रहेंगे। सरकारी अधिकारियों के लिये आज का दिन सुकून दायक हो सकता है।

Posted By PT ASHISH TRIPATHIदिसंबर 21, 2022

शारीरिक बनावट से जानिए भविष्य कैसा होगा, धन मिलेगा या नहीं

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शारीरिक बनावट से जानिए भविष्य कैसा होगा, धन मिलेगा या नहीं


बहुत कम ही लोग इस बात को जानते हैं आपकी कुंडली ही नहीं बल्कि आपके शरीर की बनावट पर भी आपके राजयोग का होना लिखा होता है। शारीरिक बनावट और शरीर पर मौजूद निशानों के आधार पर भविष्य जाने की इस विद्या को सामुद्रिक शास्त्र कहते हैं। समुद्रिक शास्त्र के जातकभ्रमण ग्रंथ के अनुसार शरीर की बनावट से भविष्य के बारे में काफी कुछ जाना जा सकता है, यह भी कि किस्मत कब पलटेगी और कब 'राजयोग' हासिल होगा। हां यह ध्यान रखने वाली बात है कि राजयोग बनाने वाले शुभ निशान स्त्री के बाएं हिस्से और पुरुषों के दाएं हिस्सें में होते हैं। जातकभरण ग्रंथ के अनसुार सामुद्रिक शास्त्र की रचना करने वाले महर्षि समुद्र के अनुसार....

 

1. जिस व्यक्ति की छाती चौड़ी, नाक लंबी और नाभि गहरी होती है उनको कम उम्र में ही अपार सफलता मिल जाती है और उसके सारे सपने पूरे हो जाते हैं। ऐसे लोगों के पास कई प्रॉपर्टियां होती हैं और वह अपने परिवार को सुखी रखता है। 

 

2. जहां तक निशान की बात करें तो जिन लोगों के पैर के तलवे में अंकुश, कुंडल या चक्र का निशान होता है वह एक अच्छा शासक, बड़ा व्यापारी, अधिकारी या राजनेता बनता है।


3. इसी तरह यदि महिलाओं के बाएं हाथ की हथेली के बीच में तिल, ध्वजा, मछली, वीणा, चक्र या कमल जैसी आकृतियां बनती हैं वो लक्ष्मी समान मानी जाती है। ऐसी महिलाएं जहां भी जाती हैं वहां धन और खुशियों का ढेर लगा देती है।


4. यदि पुरुषों के बात करें तो जिसके हाथों या पैरों में मछली, अंकुश या वीणा जैसे दिखने वाले निशान होते हैं, वह कम समय में पैसा और प्रतिष्ठा कमा लेता है।

 

5. जिस जातक की हथेली के बीचोबीच तिल होता है वह बेहद धनवान और समाज में प्रतिष्ठित बनता है। हाथ के अलावा जिन लोगों के पैरों के तलवे पर तिल, चंद्रमा या वाहन जैसा दिखने वाला निशान होता है उन्हें कई तरह के वाहनों का सुख मिलता है और वह कई देशों की यात्रा करने वाला भी होता है।

 

6. जिस स्त्री या पुरुष के पैर में पहिए या चक्र के अलावा कमल, बाण, रथ या सिंहासन जैसा निशान होता है उसे पूरे जीवन भूमि-भवन  जैसी सुख सुविधाएं मिलती हैं।


7. जिस व्यक्ति की छाती पर अधिक बाल होते हैं, वह संतोषी प्रवृत्ति का होता है। ऐस लोग अमूमन धनी ही होते हैं, या फिर अधिक धनी नहीं तो इनकी जिंदगी में उतना धन हमेशा होता है जितने की इनको जरूरत रहती है।

 

8. जिस व्यक्ति के हाथ में 5 नहीं बल्कि 6 अंगुलियां होती हैं ऐसे लोगों का भाग्य तेज होता है। ये लोग हर चीज में अधिक फायदा कमाने वाले और हर काम में छानबीन करने वाली प्रवृत्ति के होते हैं लेकिन साथ ही ये लोग ईमानदार और मेहनती भी होते हैं।

 

9. जिन लोगों के माथे के दाहिने हिस्से पर तिल होते है उन लोगों की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत होती है। दाएं गाल पर तिल धारण करने वालों के धनवान होने की मान्यता है।

 

10. •अंगुष्ठयवैराढयाः सुतवन्तोगुंष्ठमूलगैश्च यवैः। दीर्घागंलिपवार्ण सुभगो दीर्घायुषश्चैव।।


अर्थात धनी मनुष्यों के अंगूठे में यव का चिन्ह होता है। अंगूठे के मूल में यव का चिन्ह हो तो पुत्रवान होते हैं। यदि अंगुलियों के पर्व लम्बे हो तो भाग्यशाली व दीर्घायु होता है। 

 

11. •स्निगधा नित्ना रेखा र्धाननां व्यव्ययेन निःस्वानाम्। विरलागंलयो निःस्वा धनसज्जायिनो घनागंलयः।। 


अर्थात धनी मनुष्यों के हाथ की रेखाएं चिकनी और गहरी होती है, दरिद्रों की इससे विररीत होती है। बीडर अंगुलियों वाले पुरुष धनहीन और घनी अंगुलियों वाले धन का संचय करने वाले होते हैं। 

 

12. •मकर ध्वज कोष्ठागार सन्निभार्भर्महाधनोपेताः। वेदीनिभेन चैवाग्रिहोत्रिणो ब्रम्हतीर्थम।।


अर्थात जिसके हाथ में मकर, ध्वज, कोष्ठ और मन्दिर के चिन्ह विशेष की रेखाएं हो तो, वह व्यक्ति महाधनी होता है और ब्रम्हतीर्थ अथवा अंगुष्ठमूल में वेदी के समान चिन्ह हो तो, वह अग्निहोत्री होता है।

 

13. • चक्रासि परशु तोमर शक्ति धनुः-कुन्तासन्निभा रेखा।

कुर्वन्ति चमूनार्थं यज्वानमुलूखलाकारा।। 


अर्थात जिसके हाथ में चक्र, तलवार, फरसा, तोमर, शक्ति, घनुष और भाले की सदृश रेखाएं हो तो वह जातक सेना, पुलिस आदि में उच्च पद पर आसीन होता है। ओखरी के समान रेखा हो तो, वह पुरुष विधिपूर्वक यज्ञ करने वाला होता है।

 

14. •वापी-देवगृहाद्यैर्धर्मं कुर्वन्ति च त्रिकोणाभिः।

अंगुष्ठमूलरेखाः पुत्राः स्युर्दारिकाः सूक्ष्मा।। 


अर्थात यदि किसी जातक के हाथ में बावली, देवमन्दिर अथवा त्रिकोण का चिन्ह हो तो, वह मनुष्य धर्मात्मा होते हैं और अंगूठे के मूल में मोटी रेखाएं पुत्रों की मानी जाती है तथा सूक्ष्म रेखाएं कन्याओं की मानी जाती है।

Posted By PT ASHISH TRIPATHIदिसंबर 21, 2022