मंगलवार, 29 नवंबर 2022

आज का पंचांग: 30 नवम्बर 2022, बुधवार

 आज का पंचांग:

30 नवम्बर 2022,  बुधवार, विक्रमी सम्वत 2079, शाका 1944, मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष मास की प्रविष्टा 15, दक्षिणायन, दक्षिणगोल, हेमन्त ऋतु, तिथि सप्तमी सुबह 8:59 तक तदनन्तर अष्टमी, नक्षत्र शतभिषा, सूर्योदय 7:12am, सूर्यास्त 5:21pm, राहुकाल दोपहर 12:00 से 1:30 तक

कल: श्रीदुर्गाष्टमी (सुबह 8:59 उपरान्त)


*मेष  आपकी जीवनशैली में सुधार आयेगा। परिवार में सुख-शान्ति बनी रहेगी। पुराने स्वास्थ्य विकार दूर होंगे। उच्च अध्ययन में रुचि ले सकते हैं। यात्रा से बड़ा धन लाभ हो सकता है। बॉस आपसे काफी प्रसन्न रहने वाले हैं। कार्यक्षेत्र में बेहतरीन अवसर मिलेंगे।


🐂 *वृषभ व्यापार को लेकर नये विचार मस्तिष्क में आयेंगे। प्रेम सम्बन्धों को आप काफी महत्व देंगे। बच्चे अपनी पढ़ाई को लेकर थोड़े चिन्तित हो सकते हैं। सहकर्मियों के साथ आपके सम्बन्ध मधुर होंगे। आपके कार्यक्षेत्र में विस्तार हो सकता है। परिवार में प्रसन्नता का माहौल रहेगा।


👭 *मिथुन.  विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन नहीं लगेगा। एसिडिटी और गैस के कारण समस्या होगी। बॉस के साथ अपने सम्बन्ध अच्छे रखें। पिता की सलाह से आपको लाभ मिलेगा। अपने काम के प्रति उदासीन न रहें। फोन पर रिश्तेदारों के साथ बात हो सकती है।


🦀 *कर्क नये कार्यों की शुरुआत करने से बचें। यात्रा के दौरान थकान महसूस होगी। अपने काम को लेकर थोड़े चिन्तित रहेंगे। व्यापार में आपको नुकसान हो सकता है। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। परिवार के लोग आपसे अपेक्षा करेंगे। इस कारण आपके ऊपर दबाव रहेगा।


सिंह; दाम्पत्य जीवन में सामंजस्य बेहतरीन रहेगा। आपकी कला की लोग प्रशंसा करेंगे। व्यापार में बड़ी डील हो सकती है। नया वाहन खरीदने का विचार बनायेंगे। प्रेम सम्बन्ध का आनन्द उठायेंगे। शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर लेंगे।




👧🏻 *कन्या आप दूसरों की समस्याओं को सुलझाने में काफी प्रभावी हो सकते हैं। कठिन कार्य के पूरा होने से आप उत्साहित रहेंगे। सोशल मीडिया में आपकी सक्रियता बढ़ेगी। मन में कुछ नया करने का विचार बनेगा। आपके बातचीत करने के तरीके से लोग प्रभावित रहेंगे।


⚖ *तुला बच्चों की जरूरतों का सामान खरीदने के लिये बाजार जा सकते हैं। आमतौर पर सेहत अच्छी रहेगी। धार्मिक कार्यों में व्यस्त रहेंगे। आज मौज-मस्ती के मूड में रहेंगे। सन्तान को शिक्षा और करियर में बड़ी उपलब्धि मिल सकती है। पढ़ाई में आ रहे अवरोध दूर होंगे।


🦂 *वृश्चिक जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। ठंड के कारण वायरल और जुकाम का शिकार हो सकते हैं। पुरानी समस्या आपको सुलझती हुई नजर आयेंगी। कानूनी मामलों को लेकर थोड़े चिन्तित रहेंगे। अनैतिक कार्यों से दूरी बनाकर रखें। नया रोजगार शुरू कर सकते हैं। आपकी आय में वृद्धि होगी।


🏹 धनु *व्यापार में साझेदारी करने के लिये दिन शुभ है। आपके काम में स्थिरता आयेगी। व्यापार में लाभ होने से मन बेहद प्रसन्न रहेगा। समाज में आप बेहद सक्रिय रहेंगे। दूसरों से ज्यादा अपेक्षा न करें। दिन आपके लिये नयी सम्भावनाओं को जन्म देगा।


🐊 *मकर स्टॉक मार्केट में बहुत बड़ा निवेश करना उचित नहीं है। आँखों में जलन की शिकायत हो सकती है। दुष्टजन आपको हानि पहुँचा सकते हैं। आय से अधिक खर्च होने से आपको नुकसान होगा। आपको कुछ कड़वे अनुभवों का सामना करना पड़ेगा। धन का ज्यादा लालच न करें।



⚱ *कुंभ जीवनसाथी की सलाह का अनुसरण अवश्य करें। नयी परियोजना में आप धन निवेश कर सकते हैं। सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी। आपकी आर्थिक स्थिति बहुत ही अच्छी रहेगी। जॉब में मनोनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे। भौतिक सुख-सुविधाओं का आनन्द लेंगे।


मीन : परिवार के किसी सदस्य का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। दूसरों पर ज्यादा भरोसा न करें। अपनी भावनाओं को संयमित रखें। आज कर्ज बिल्कुल न लें। आपकी बातें लोगों को बुरी लग सकती है। प्रेमी जन के प्रति अपना व्यवहार अच्छा रखें।


।💥🌺🚩आपका दिन शुभ हो 🚩🌺💥*

Posted By PT ASHISH TRIPATHIनवंबर 29, 2022

ॐ का अर्थ

 ॐ का अर्थ


भगवान् आशुतोष (शिव शंकर) को देवताओं के सेनापति कार्तिकेय ने ॐ का अर्थ कुछ इस तरह बताया था, निम्नलिखित पर ध्यान दें....

ॐ एक अक्षर है, एक शब्द है, यह ध्वनि या नाद भी है । ॐ में तीन ध्वनियाँ हैं जिन्हें मात्रा कहा जाता है, वे है “अ”, “उ” और “म” । जब “अ” और “उ” मिल जाते हैं तो “ओ” बनता है और जब इस “ओ” से “म” जुड़ जाता है तब ॐ बनता है । किसी भी व्यक्ति की, चाहे उसकी मात्रभाषा कोई भी क्यों ना हो जब वो उच्चारण के लिए मुह खोलता है तो स्वाभाविक “अ”-कार की ध्वनि निकलती है और जब वो उच्चारण के अनंतर मुह बंद करता है तब केवल “म”-कार की ध्वनि सुनाई पड़ती है और जब वो होठों को पास लाकर मुह को आधा खुला और आधा बंद रखता है तब “उ”-कार की सर्गिक ध्वनि सुनाई पड़ती है यानी जब मुह खोलते हैं तो “अ”, मुह बंद करते हैं तो “म” और दोनों के बीच “उ” की ध्वनि सुनाई देती है । इसलिए साड़ी भाषाओँ की साड़ी ध्वनियाँ चाहे वे स्वर हो या व्यंजन, वे सब ओंकार के अंतर्गत ही आती हैं । इसलिए ॐ विशिष्ट वैश्विक ध्वनि है । 

ॐ ईश्वर का प्रतीक भी है । माण्डुक्य-उपनिषद् के अनुसार जागृत अवस्था का समग्र जागृत प्रपंच ओंकार की प्रथम मात्रा “अ” से अभिव्यक्त होता है, समस्त स्वप्नावस्था का प्रपंच “उ” मात्रा से अभिव्यक्त होता है और सुषुप्ति अवस्था का प्रपंच “म” से अभिव्यक्त होता है । सम्पूर्ण प्रपंच ही ईश्वर है और जागृत, स्वप्न, और सुषुप्ति ही समस्त प्रपंच है । और इन तीनों का प्रतीक “अ”, “उ”, “म” है इसलिए ॐ ही ईश्वर का अतिअद्भुत प्रतीक है । 

ओंकार ईश्वर के निर्गुण रूप का प्रतीक भी है । माण्डुक्य-उपनिषद् का घोष है जैसे तीनों अवस्थाएं ब्रह्म या आत्मा से ही उत्पन्न होती हैं और उसी में विलीन हो जाती हैं वैसे ही तीन मात्राओं से बना ॐ (ओउम्) शान्ति या निशब्दता से उत्पन्न होता है और उसी में विलीन हो जाता है । इसलिए दो ओंकार के उच्चारणों के अंतराल के बीच की निशब्दता जिसे अमात्रा कहते हैं निर्गुण ब्रह्म का ही प्रतीक है । जिस प्रकार ओंकार के उच्चारण के समय “अ” मात्रा “उ” मात्रा में, “उ” मात्रा “म” मात्रा में और “म” मात्रा निशब्दता में विलीन हो जाती है, उसी प्रकार उपासना के समय इसी ॐ के उच्चारण को आधार ले साधक स्थूल जागृत प्रपंच को  सूक्ष्म या मानसिक प्रपंच में, और सूक्ष्म प्रपंच को कारण प्रपंच में विलीन करता है । आगे उसका भी अतिक्रमण कर वह केवल शांत निर्गुण शान्तं शिवम् अद्वैतं आत्मा में ही स्थिर हो जाता है । यही ओंकार उपासना की चरम सीमा है ।


ॐ का दार्शनिक अर्थ : ॐ वो सब अभिव्यक्त करता है जो कुछ अस्तित्व में है और जो समूचे अस्तित्व का मूल है और जो सबसे परे है वह भी । ॐ को प्रणव भी कहते हैं यानी वह जिसके द्वारा ईश्वर की स्तुति की जाती है ।  




प्रश्न: मन्त्रों और प्रार्थनाओ में ॐ क्यों कहा जाता है जैसे ॐ नमः शिवाय, ॐ नमो नारायणाय, ॐ नमो भगवते वासुदेवाय इत्यादि ?

उत्तर: ऐसा कहा जाता है कि ईश्वर ने संसार की रचना ॐ और अथ का उच्चारण के पश्चात आरम्भ की थी । इसलिए ऐसी मान्यता है कि किसी भी कठिन कार्य को आरम्भ करने से पहले ॐ के उच्चारण की ध्वनि शुभ होती है । इसलिए बहुत से मन्त्र और वैदिक प्रार्थनाएं ॐ से ही आरम्भ होती हैं । इतना ही नहीं, दैनिक जीवन में अभिवादन के लिए भी ॐ का प्रयोग किया जाता है जैसे “हरि ॐ” तो इस प्रकार ॐ सब कुछ व्यक्त करता है ।

🌹 ज्योतिषाचार्य डॉ: शैलेन्द्र  सिंगला पलवल हरियाणा

Posted By PT ASHISH TRIPATHIनवंबर 29, 2022