शुक्रवार, 6 जुलाई 2018

आत्मा क्या है  ?

आत्मा क्या है  ?
आत्मा
 एक प्रकार की उर्जा है जो शरीर को क्रियान्वित करती है गर्भ से लेकर जन्म तक क्रमशः धीरे धीरे बढ़ते  हुए 50 वर्ष की आयु के बाद घटना शुरू होती है योग और व्यायाम के आधार पर कभी कभी ये 60 वर्ष की आयु के बाद घटना शुरू होती है /
जैसे घड़ी और खिलौनों में लगे सेल उनमे जान ला देते है वैसे ही किसी भी शरीर की जान आत्मा होती है जैसे सेल की चार्जिंग जरुरी होती है वैसे ही आत्मा की चार्जिंग भी जरुरी होती है जैसे खिलौने के सेल ख़त्म होंने पर सेल बदले जाते है या कभी कभी पूरा खिलौना ही बदल दिया जाता है वैसे आत्मा की चार्जिंग ख़त्म होने पर शरीर नष्ट हो जाता है और आत्मा नए शरीर में नए तरीके से काम करना शुरू करती है या फिर ये समझा जाए  की शरीर और आत्मा दोनों का नया जन्म होता है /
हमे अपने शरीर को चार्ज करने के लिए किसी बाहरी साधन की आवश्यकता नहीं होती है न ही किसी प्रकार की दवा की जरुरत होती है / इसके लिए हमारा सबसे मुख्य गृह सूर्य है सूर्य देव को नित्य जल चडाना और ॐ का उच्चारण मात्र करने से ही दिन भर शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है / सूर्य से निकालने वाली किरणे जो एक प्रकार की उर्जा तरंगे होती है जो जीवन के लिए अति आवश्यक है / हम सिर्फ इतना विचार करे की सूर्य हो ही न मतलब सब ख़त्म सूर्य के बैगैर जीवन के कल्पना ही नहीं की जा सकती है /
इसलिए सूर्य के सामने सुबह आठ बजे से पहले जब वो उदय हो रहा  होता है और उससे निकलने वाली किरणे या उर्जा तरंगे सबसे ज्यादा फायदेमंद होती है / और उस समय हम सूर्य को आसानी से देख भी सकते है सूर्य को जल चडाते समय गिरते हुए जल को देखने से विटामिन डी की प्राप्ति होती है जो आँखों के लिए फायदेमंद होती है  / साइंस और मेडिकल साइंस ने भी अपने रिसर्च में ये माना है की बडे लोगो के लिये प्रतिदिन 10,000 आइ यू (International Unit) की मात्रा काफ़ी है।  इस आवश्यक मात्रा के लिये सप्ताह में दो बार5 से 20 मिनट तक हाथ-पैरों पर सूर्यप्रकाश पाना शरीर की आवश्यकता भर के विटामिन डी के लिये काफ़ी है। शरीर के कई रोगों का इलाज तो सिर्फ सूर्य उपासना के द्वारा ही हो सकता है / अपने शरीर को तरोताजा रखने का सबसे बेहतर माध्यम सूर्य ही है /
आत्मा हमेशा शरीर और शरीर हमेशा आत्मा से बंधा होता है सभी कार्य आत्मा से होते है और करता है शरीर ,आत्मा ही सभी चीजों का उपयोग करने के लिए कहती है लेकिन उपयोग हमेशा शरीर ही करता है म्रत्यु हमेशा शरीर की होती है आत्मा हमेशा  रहती है जन्म से जन्म तक / अगर हम शरीर के द्वारा आत्मा को नियंत्रित कर ले तो ठीक उस बिगडे घोड़े को नियंत्रित करने जैसा होगा जो नियंत्रित होने के बाद  घुड़सवार के आदेश पर चलता है / वैसे ही हम अगर आत्मा को नियंत्रित कर ले तो हम काफी आनंदायक जीवन व्यतीत कर सकते है / और इस शरीर को बैगैर कष्ट पहुचाए आनंदित हो सकते है /  लेकिन आज की युवा पीडी शरीर को कष्ट पहुचाकर आनंदित हो रही है नशे के द्वारा वो शरीर को नष्ट  कर रहे है /
इसलिए हमेशा दण्डित और दोषी शरीर ही होता है न की आत्मा ! शरीर के द्वारा अध्यात्म के माध्यम से आत्मा को नियंत्रित किया जा सकता है /

Posted By PT ASHISH TRIPATHIजुलाई 06, 2018

आज का राशिफल 7 जुलाई 2018

Filled under:

पंडित आशीष त्रिपाठी

मेष (Aries)
परीक्षा व साक्षात्कार में सफलता मिलेगी। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। अप्रत्याशित लाभ संभव है। जोखिम न लें।
वृष (Taurus)
आगंतुकों पर व्यय होगा। लेन-देन में सावधानी रखें। अपरिचितों पर अतिविश्वास न करें, बाकी सामान्य रहेगा।
मिथुन (Gemini)
यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली होगी। आय में वृद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें।
कर्क (Cancer)
नई योजना बनेगी। कार्य का विस्तार होगा। मान-सम्मान मिलेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। जोखिम न लें।
सिंह (Leo)
शत्रु परास्त होंगे। लेन-देन में सावधानी रखें। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। धनार्जन होगा।
कन्या (Virgo)
चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। शत्रु सक्रिय रहेंगे। जोखिम न लें। बाकी सामान्य रहेगा।
तुला (Libra)
अज्ञात भय सताएगा। कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा।
वृश्चिक (Scorpio)
भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। थकान रहेगी।
धनु (Sagittarius)
चिंता बनी रहेगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। मान घटेगा।
मकर (Capricorn)
शोक समाचार मिल सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। भागदौड़ रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ की स्थिति बनेगी।
कुंभ (Aquarius)
पुराना रोग उभर सकता है। विवाद में न पड़ें। प्रयास सफल रहेंगे। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। धनार्जन होगा।
मीन (Pisces)
शुभ समाचार मिलेंगे। मेहमानों का आगमन होगा। प्रसन्नता रहेगी। शत्रु भय रहेगा। धनार्जन होगा।

Posted By PT ASHISH TRIPATHIजुलाई 06, 2018

वहशी दरिंदे

Filled under:

कानपुर किसी समय औद्योगिक राजधानी के नाम से  जाना जाता था लेकिन धीरे धीरे कुछ एसा हुआ की राजनीती ने कानपुर की वास्तिविक पहचान को जला दिया और कई मिलो के बंद होने से हजारो लोग रोज़ी रोटी के लिए परेशान हो गय ..
फिर क्या था किसी तरह अपने बच्चो को तंग हाली में पला .. लेकिन अब वो समय आ गया है कि कानपुर की औद्योगिक पहचान तो खो गई है लेकिन यहाँ क्राइम का स्तर बढ गया है और सबसे चौकाने वाली बात ये है की जोघटनाएँ घट रही है उसमे सबसे ज्यादा घटनाओ में युवा सम्लित है और शिकार बन रही है लडकिया और महिलाय कही चैन स्नेचिंग तो कही रेप तो कही सामूहिक दुष्कर्म .. स्थान भी इसे की किसी को भगवान कहा जाता है तो किसी स्थान को मंदिर जी मैं बात कर रहा हु की कभी कानपुर के एक नामी अस्पताल में वार्ड बॉय एक बीमार लड़की से रेप करता है और लड़की की मौत हो जाती है .. तो कही एक स्कूल के तथाकथित प्रधानचर्या के स्कूल में ही एक मासूम बच्ची से रेप के बाद हत्या कर दी जाती है इसको हत्या ही कहेंगे की अपना शिकार बनाया और जब हालात बिगड़ी तो उसको उसके घर भिजवा दिया और बच्ची रास्ते मे ही मर गई .. इधर कुछ महीनो में वहशी दरिंदो की संख्या में काफी इजाफा हुआ है इन वहशी दरिंदो में एक बीमारी होती है जिसको की पीडोफिलिया कहते है इनकी हरकते अजीब होती है ये अपने सगे रिश्तो को भी नहीं बख्सते है और इनको पहचानना बड़ा ही मुश्किल काम होता है इस तरह का एक वाकया कानपुर के ही जाजमऊ इलाके में हुआ जहा एक व्यक्ति अपनी ही 4 और 6 साल की लडकियों के साथ छेड़खानी करता था ...जिसकी इन आदतो से उसकी पत्नी भी परेशां रहती और उसको समझाती थी इस बीमारी से ग्रसित लोग बडे ही खतरनाक होते है . इस बीमारी की शुरुआत बचपन से ही होती है लेकिन इसकी पहचान करना बड़ा ही मुश्किल काम होता है इस तरह के रोगियों में बच्चो के साथ सेक्स करने में मज़ा आता है .. लेकिन बात ये है की इस तरह के लोगो का पता घटना होने के बाद ही चलता है कानपुर में इसे अनगिनत केश हो चुके है जिसमे वहशी दरिन्दे बच्चियों को अपना शिकार बना चुके है जिसमे कई की तो मौत तक हो चुकी है ... तारीख २९ नवम्बर शाम के करीब ६ बज चुके थे तभी एक घर से चीखने की आवाज़ आती है जब मोहल्ले के लोग पहुचे तो वहा का नज़ारा देख कर चौक जाते है .. क्योकि उनके पड़ोस में रहने वाले बर्रा दामोदर नगर निवासी राज मिस्त्री का काम करने वाले किशन साहू की 12 साल की लड़की की साबड़ से पीट पित कर हत्या कर दी गई थी और उसका पिता किशन साहू चिला चिल्ला कर रो रहा था .. लड़की पूजा की माँ कुछ ही दिन पहले अपने गृह प्रदेश छत्तीसगढ़ गई हुई थी घर में पिता किशन साहू ने बेटी पूजा को रोक लिया था की पूजा घर में राह कर खाना बनाएगी .. वो इलाके में बने एक खली प्लाट में झोपडी बना कर रहते थे .. किशन साहू के अनुसार वो रोज़ की तरह अपने काम पर चले गई थे और शाम को आकार देखा तो बच्ची खून से लथ पथ पड़ी थी तब उन्होने अपने रिश्तेदार के यहाँ सूचना दी और उनके साथ जा कर के पुलिस को सूचना दी पुलिस भी मौके पर पहुची और घटना स्थल का नज़ारा देख कर पुलिस के भी होश उड़ गय क्योकि पूजा के सर पर साबड़ जैसी किसी चीज़ से मरा गया था और मारने वालो की संख्या दो से ज्यादा ही थी और उसकी स्थित को देख कर पुलिस को रेप की आशंका लगी और उन्होने डॉग स्क्वायेड बुला कर छान बीन भी कराइ लेकिन शुरुआत में कोई भी सुराग नहीं मिला बल्कि कुत्ता बगल के प्लाट में जा कर कुछ देर बैठा रहा जिससे की पुलिस को आस पास के ही लोगो पर शक हुआ और उसने पूजा के शव को सबसे पहले देखने वाली उसकी सहेली संध्या से कई बार पूछ ताछ की और और आखिर में पुलिस ने प्रेम संबंधो के बारे में संध्या से पूछा तो तो उसने बताया की पूजा की ही एक सहेली का मोहल्ले के ही राज बहादुर से प्रेम सम्बन्ध थे जो की अक्सर पूजा से राज बहादुर के बारे में बात किया करती थी .. लेकिन राज बहादुर आए दिन पूजा से भी छेड़ छाड़ करने लगा इस पर उसने एतराज़ किया और और एक दिन पूजा ने राज बहादुर को मुहल्ले की ही एक अन्य युवती के साथ देखा .. तब पूजा को पता चल की राज बहादुर का कई लडकियों से प्रेम सम्बन्ध है इस बात को पूजा ने अपनी सहली से भी बताया .. जिस पर राज बहादुर और उसकी सहेली में झगड़ा भी हुआ .. इस पर राज बहादुर ने पूजा खिलाफ कुछ करने का मन बना लिया ... और 29 नवम्बर को सुबह ११ बजे के करीब राज बहादुर शराब और मांस लेकर आया और अपने दोस्तों जो की पूजा के घर के पास रहने वाले और प्रेस करने वाले दयाराम और चट्टा संचालक के साथ बैठ कर शराब प़ी और पूजा के बारे में राज बहादुर दोनों से बाते करने लगा की उसने मेरे प्यार में अडंगा ड़ाल दिया है और खुद भी कुछ नहीं करने देती है .. शराब के नशे में तीनो ने पूजा के साथ रेप करने की योजना बना डाली .. उधर पूजा इन सब बातो से अन्जान .. पिता किशन के जाने के बाद घर की सफाई कर रही थी और घर की सफाई करने के बाद उसने गैस पर नहाने के लिए गर्म पानी रखा और चारपाई पर बैठ कर पानी गर्म होने का इंतज़ार करने लगी .. तभी राज बहदुर अपने साथियों दया राम और राजेश के साथ पूजा के घर में दाखिल होगया और पूजा ने तीनो को देखते ही पूछा की आप लोग यहाँ क्या करने आये है इस पर राज बहादुर ने कहा हम तो पका ही दीदार करने आये है ..पूजा ने राज बहादुर को धक्का देते ही चिल्ला कर बहार भागने का प्रयास किया लेकिन राजेश ने उसको धर दबोचा और उसका मुह बंद कर के जमीन पर पटक दिया और उसके साथ हरकते करने लगा .. जबकि राज बहादुर और दया राम पूजा को कस कर पकडे ही थे फिर बारी बारी से तीनो ने रेप कर दिया ... बीच बीच में जब पूजा चिल्लाती तो शराब के नशे में वहशी दरिन्दे उसको लोहे की राड से पिटते भी जा रहे थे ... लेकिन राजेश और राज बहादुर के रेप करने के बाद ही पूजा बेहोश हो चुकी थी ...लेकिन इन लोगो ने उसके बाद किसी को पता न चले इस पर राज बहादुर ने राजेश से साबड़ लाने को कहा और राजेश बगल के प्लाट से साबड़ ले आया और फिर राज बहादुर ने पूजा के सर अपर अनगिनत वार कर के उसकी जिंदगी ख़त्म कर दी ..... और फिर तीनो वहा से एक एक करके वहा से भाग गय . जब किशन साहू पूजा के पिता घर आये तो उनके होश उड़ गय ..क्योकि खून इतना ज्याद बह गया था की झोपड़ी के बाहर तक आ गया था ... पुलिस ने शुरू में ही गैंग रेप की बात कही और शक के घेरे में आस पास के 15 लोगो को हिरासत में लेकर पूछ ताछ की लेकिन 9 लोगो को दुसरे ही दिन छोड़ दिया गया .. 3 दिन बीत जाने के बाद भी अभी पुलिस किसी नतीजे में नहीं पहुची थी ...उधर पूजा की खून से ;लथपथ लाश देखकर पूजा के पिता किशन बहुत ज्यादा सहेम गया और उसने अपना घर छोड़ कर अपने रिश्ते दार चचेरे जीजा के साकेत नगर स्थित घर में शरण ली लेकिन वो एक ही बात कहे रहा था की हमने किसका क्या बिगाड़ा था जो मेरी बेटी की हत्या कर दी.. ऐसा न हो की हत्यारे मुझे भी मार दे .. वाही मुहल्ले के लोग भी काफी ज्यादा सहेम गय थे और किसी भी दरवाजे में दस्तक होती है किसी अनजाने डर से सभी सहेम जाते थे .. इलाकाई लोगो का कहना था की अब बच्चो के बहार खेलने में भी डर लगता है वही राजनिति कर रहे नेता भी अपनी तरह से उसको सान्तवना देते रहे वही कुछ संस्थाओ ने उसका केस लडने में मदद करने का भरोसा दिलाया ...वही जब पूजा की लाश को देखकर पोस्टमार्टम हाउस के डाक्टरों को भी बड़ी ही हैरानी हुई और उन्होने पुलिस के शक को पुख्ता कर दिया की पूजा के साथ गैंग रेप हुआ है ...और इनकी संख्या करीब तीन या चार ही हो सकती है ...जिन्होने बड़ी ही बेरहमी से क़त्ल किया है क्योकि पूजा के शरीर के हर हिस्से में चोट के निशान है ..वही तीसरे दिन शाम तक पुलिस यह कह रही थी की हमे सुराग मिल चुके और हम हत्यारे के काफी करीब पहुच चुके है .. और चुठेय दिन डी आई जी ए के मुथा जैन ने पत्रकारों के सामने तीन वहेशी दरिंदो को पेश किया जिन्होने पूजा को बेरहेमी से रेप करने के बाद साबड़ से पीट पीट कर हत्या कर दी थी ..

Posted By PT ASHISH TRIPATHIजुलाई 06, 2018