गुरुवार, 1 दिसंबर 2022

कुछ ज्योतिषीय सूत्र

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 कुछ ज्योतिषीय सूत्र

 1.रवि गुरु नवपंचम योग जातक को यश के साथ-साथ भाग्य का यश भी प्राप्त होता है

 2. रवि राहु ग्रहण योग माने जाने पर भी लाभकारी योग बन जाता है

 3. महिलाओं की कुंडली में रवि गुरु शुभ योग वैवाहिक सुख के लिए ठीक नहीं है

 4. जब रवि शनि अशुभ योग में हो तो पिता के बाद भाग्योदय देखा जाता है।

 5 रवि शनि की युति हो तो पिता से नहीं बनती, पिता से तकरार देखी जाती है

 6. जब रवि दशम में हो तो जातक नौकरी में उच्च पद पर कार्यरत होता है

 7. महिलाओं की कुंडली में 7वें भाव में रवि जीवनसाथी से मिलता है

 8. जब रवि सिंह राशि में हो तो व्यक्ति प्रशंसनीय रूप से बड़े दिल वाला लेकिन थोड़ा आलसी होता है

 9. रवि मंगल सुयोग धडस पराक्रम नेतृत्व, साहस उपलब्धियों से जुड़ा है

 10. रवि के अष्टमा में होने पर जीवनसाथी का जीवन कष्टमय देखा जाता है




 11. रवि लग्न में हो तो जातक चंचल होता है, एक स्थान पर नहीं रहता, बदलाव पसंद करता है

 12. सातवें महीने में रवि पड़ने पर काम के सिलसिले में कुछ समय के लिए जीवनसाथी से दूर रहने के योग बनते हैं

 13. अष्टम रवि और राहु की युति में पेट और अपच की समस्या देखी जाती है

 14. लग्न में रवि के बाल पतले होते हैं और जल्दी गंजा दिखता है

 15. लग्न में रवि दूसरों के अधीन काम करना पसंद नहीं करता है।

 16. रवि शनि के अशुभ योग में होने पर पितृ ऋण चुकाना पड़ता है

 17. महिलाओं की कुंडली में रवि मंगल की युति पति के लिए कष्टकारी होती है।

 18. रवि मंगल की युति होने पर व्यक्ति जिद्दी, क्रोधी और विचारहीन होता है।

 19. कुंभ राशि की रवि ज्योतिष में तरक्की दिलाती है।

 20. शनि की राशि में रवि संघर्ष से करियर में अच्छे परिणाम देता है।

 21. मकर राशि का रवि व्यक्ति को राजनीतिज्ञ बनाता है

 22. अष्टमा में रवि शनि उती पितृछात्र शीघ्र ही जाता है

 23. कुम्भ राशि में रवि आध्यात्म में उन्नति देता है

 24. अष्टमा में रवि लग्न के बाद भाग्योदय देता है

 25. जब रवि एक तीन सात नौ बारह पदों में हो तो यह विदेश गोचर बनाता है।

 मार्गदर्शन संपर्क --

डॉ .नरेंद्रजी  धारणे .ज्योतिर्विद्या वाचस्पति/ PhD/ लेखक

Posted By PT ASHISH TRIPATHIदिसंबर 01, 2022

आज का पंचांग: 2 दिसम्बर 2022, शुक्रवार,

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 आज का पंचांग:

2 दिसम्बर 2022,  शुक्रवार, विक्रमी सम्वत 2079, शाका 1944, मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष मास की प्रविष्टा 17, दक्षिणायन, दक्षिणगोल, हेमन्त ऋतु, तिथि दशमी, नक्षत्र उत्तराभाद्रपद, सूर्योदय 7:13am, सूर्यास्त 5:21pm, राहुकाल प्रातः 10:30 से 12:00 तक


*मेष  माता-पिता को अपने बच्चों के भविष्य की चिन्ता रहेगी। युवा प्रेमियों को परिवार की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। कुछ महत्वपूर्ण खर्चे सामने आ सकते हैं। आज शान्तिपूर्वक अपना समय बितायें। अपनी भाषा पर नियन्त्रण रखें। कठोर शब्दों का प्रयोग न करें।


🐂 *वृषभ दिनचर्या थोड़ी अव्यवस्थित रहेगी। जीवनसाथी कठोर शब्दों का प्रयोग कर सकता है। नये व्यापार की रूपरेखा बना सकते हैं। शोध कार्यों में बड़ी सफलता मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में आपका प्रभाव बढ़ेगा। बच्चों की समस्याओं को सावधानी पूर्वक सुनें।


👭 *मिथुन.  अपने काम के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखें। व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिये निवेशकों का सहयोग ले सकते हैं। दिन पूरी तरह से आपके पक्ष में रहेगा। निर्माण कार्यों में प्रगति होगी। ऑफिस में सारे लोग आपकी वाहवाही करेंगे। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा।


🦀 *कर्क प्रतिष्ठित लोगों के बीच आपकी चर्चा होगी। लोग आपकी सलाह को काफी महत्व देंगे। साझेदारी के व्यवसाय में धन लाभ होगा। कार्यक्षेत्र में स्थान परिवर्तन हो सकता है। शत्रुओं पर भारी पड़ेंगे। प्रशासन से जुड़े लोगों के लिये दिन तनावपूर्ण हो सकता है।


सिंह; नये काम की शुरुआत में बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। ठंड के कारण पेटदर्द की शिकायत हो सकती है। आज नया काम शुरू करना आपके हित में नहीं है। मित्रों के साथ हर मुद्दे पर चर्चा न करें। आपकी कोई योजना लीक हो सकती है।


👧🏻 *कन्या व्यापार में बड़े अनुबन्ध हो सकते हैं। युवा प्रेम सम्बन्धों को वैवाहिक स्वरूप दे सकते हैं। नयी सम्पत्ति या दुकान आदि पर निवेश करने के लिये दिन शुभ है। वैवाहिक जीवन की समस्या दूर होगी। आज आपका दिन काफी शुभ रहने वाला है।



⚖ *तुला नयी जॉब के लिये प्रयास कर रहे हैं तो आज का दिन शुभ है। ऑफिस के काम देरी से पूर्ण होंगे। दोस्तों के साथ पर्यटन की योजना बनायेंगे। गुप्त शत्रु आपको हानि पहुँचा सकते हैं। जीवनसाथी की बातों और सलाह की अनदेखी न करें।


🦂 *वृश्चिक नया निवेश करने के लिये दिन शुभ है। पति-पत्नी के मध्य आपसी सम्बन्ध काफी रोमांटिक रहेंगे। बच्चे कुछ नया सीखने का प्रयास करेंगे। पारिवारिक समारोह के लिये जा सकते हैं। बौद्धिक कार्यों में सफलता मिलेगी। अपना काम स्वयं ही करें दूसरों पर न छोड़े।


🏹 धनु *किसी मित्र को उधार दिया हुआ धन वापस मिलेगा। अपने काम के प्रति एकाग्रता बनाये रखें। किसी सहकर्मी के साथ झगड़ा हो सकता है। पहले किये हुये निवेश का लाभ मिलेगा। घर में धार्मिक कार्यक्रम हो सकते हैं। मैन्यूफैक्चरिंग सम्बन्धी कार्यों के लिये आज दिन शुभ है।


🐊 *मकर अपने मनोभावों को दूसरों पर न थोपें। प्रेम सम्बन्धों के लिये दिन बेहतरीन है। किसी महत्वपूर्ण मीटिंग में शामिल हो सकते हैं। विदेशों में रह रहे लोगों को परेशानी हो सकती है। शरीर में थकावट होने की आशंका है। पुराने कड़वे अनुभवों दोबारा सामने आ सकते हैं।



⚱ *कुंभ सन्तान के व्यवहार से आपको परेशानी हो सकती है। परिवार में सुख-शान्ति का वातावरण रहेगा। स्वयं को फिट रखने के लिये योग और व्यायाम अवश्य करें। धन-सम्पत्ति को लेकर भाग्यशाली रहेंगे। विद्यार्थी अपनी शिक्षा में काफी ध्यान देंगे।


मीन : आज आप काफी प्रसन्न रहेंगे। नया काम शुरू करने में सफलता मिलेगी। योजनाबद्ध तरीके से किये गये कार्यों में सफलता मिलेगी। जॉब में उच्च पद प्राप्त हो सकता है। नौकरीपेशा लोग व्यापार की भी योजना बना सकते हैं। रियल एस्टेट के व्यापारियों के लिये समय बहुत शुभ है।


।💥🌺🚩आपका दिन शुभ हो 🚩🌺💥*

Posted By PT ASHISH TRIPATHIदिसंबर 01, 2022

बुधवार, 30 नवंबर 2022

ज्योतिषी बदल सकता है जातक का व्यक्तित्व / प्रालब्ध --

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 ज्योतिषी बदल सकता है जातक का व्यक्तित्व / प्रालब्ध --


 कई ज्योतिषी कहते हैं कि आप किसी का भाग्य नहीं बदल सकते, लेकिन मैं कहता हूं कि वे ज्योतिष को नहीं समझते।

 ज्योतिष कर्म संरेखण है, ज्योतिष में सब कुछ ग्रह है

 Planet शब्द में PLAN शब्द है

 अतः ग्रहों की योजना बनाई जा सकती है, इसके लिए ग्रहों का विस्तार से अध्ययन करना आवश्यक है

 यदि कोई ज्योतिषी ग्रह सक्रियण और निष्क्रियता कर सकता है तो वह किसी का भी भाग्य बदल सकता है

 उदा.  शनि के शत्रु ग्रह रवि और मंगल हैं, यदि कोई जातक शनि की साढ़ेसाती से पीडित है तो जातक को शनिवार के दिन लाल रंग होगा।

 उन्हें रंगीन कपड़े पहनाएं (रवि और मंगल के लिए), साढ़े साती से कोई दिक्कत नहीं है, यानी क्या किया, शनि को निष्क्रिय करने के लिए रवि और मंगल का प्रयोग किया गया।


 आइए एक और उदाहरण देते हैं ताकि हम कर्म संरेखण को समझ सकें

 कुछ दिन पहले मैंने एक बंगाली सुनार की कुण्डली देखी, वो व्यक्ति पिछले 3 साल से बीमार था, बहुत से वैद्यों ने उसका इलाज किया पर उसकी बीमारी ठीक नहीं हो रही थी, क्या बीमारी ठीक होगी?  कुंडली मेरे पास यह देखने आई थी।

 वृश्चिक लग्न कुण्डली थी और छठवें भाव में मंगल युवावस्था में मेष राशि में था यानि लग्नेश मंगल रोग उत्पन्न कर रहा था, इसका अर्थ है कि व्यक्ति के कर्म भाग में मंगल का प्रबल प्रभाव हो रहा है इसलिए वह बीमार हो रहा है, तो इसमें कर्म संरेखण तकनीक का प्रयोग किया जाता है स्थान।

 मैंने उससे पूछा कि तुम कैसे सोते हो?  उस पर उन्होंने कहा कि हम एक कमरे में 8 से 10 सोते हैं, और सभी मैट पर सोते हैं, भूमि का मतलब मंगल होता है और वह भूमि पर सो रहा है मतलब मंगल से जुड़ रहा है, वह बीमार हो रहा है, मैंने उसे एक छोटा बिस्तर लाने और उस पर सोने के लिए कहा। यह।

 वहीं, मंगल को निष्क्रिय करने के लिए बुध मंगल का शत्रु है, इसलिए हमने हरी चादर लेने को कहा

 वह उसी दिन बिस्तर ले आया और उस पर सोने लगा, 3-4 दिनों में ही उसे फर्क महसूस हुआ और वह बेहतर महसूस करने लगा।

 ऐसे कई उदाहरण हैं इसलिए एक ज्योतिषी को कुंडली के माध्यम से कर्म संरेखण को समझना चाहिए और ग्रहों को सक्रिय और निष्क्रिय करना चाहिए।

 ग्रहों के षडबल का प्रयोग करने पर ग्रहों को सक्रिय किया जा सकता है और यदि ग्रह के शत्रु ग्रह का प्रयोग किया जाता है तो ग्रहों को निष्क्रिय किया जा सकता है।

 वहीं इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि ग्रह का सदुपयोग किया जा सके तो ज्योतिषी किसी का भी भाग्य बदल सकता है

 विषय को अच्छी तरह से समझने के लिए एक उदाहरण भी दिया जाता है

 एक भाव में हजारों घटनाएं होती हैं लेकिन जब दशा आती है तो उस भाव में केवल एक ही घटना होती है, लेकिन यदि ज्योतिषी उस भाव को पहचान कर उस भाव में एक और शुभ घटना रचता है तो कोई भी अशुभ घटना नहीं होती है।



 जातक की शुक्र की दशा शुरू होती है, शुक्र की दशा 20 वर्ष की होती है और शुक्र तुला राशि में अष्टम में होगा (जिस घर में ग्रह स्थित है वह दशक के दौरान मजबूत परिणाम देता है और तुला शुक्र की मूलत्रिकोण राशि है, मूलत्रिकोण में ग्रह 100 प्रतिशत परिणाम दें) तो ऐसी स्थिति में दशा में बीमारी, दुर्घटना, हानि और यातना जैसी घटनाएँ होंगी और हम कितनी भी कोशिश कर लें, हम इन 20 वर्षों में इससे छुटकारा नहीं पा सकते हैं, तो क्या फायदा ज्योतिषी अगर वह व्यक्ति को सलाह देता है कि "आपको अपने भाग्य को भुगतना होगा"?

 ऐसे समय में ज्योतिषी को कर्म संरेखण की पहचान करनी चाहिए और अष्टमा में शुभ घटना को घटित करना चाहिए ताकि उस घटना से बचा जा सके जो वर्तमान में व्यक्ति को परेशान कर रही है, जैसा कि अष्टमा से गुप्त बातें और रहस्यवाद समझा जाता है, इसलिए यदि व्यक्ति को ऐसा करने के लिए कहा जाए शुक्र के लिए गुप्त लक्ष्मी साधना हो या रहस्यवाद का अध्ययन करने के लिए अष्टमा में अशुभ घटना घटित होगी नहीं और 20 वर्ष का वह दशक सुखपूर्वक बीत जाता है

 तो मैं आपको बताउंगा कि ज्योतिष को ठीक से समझ लें और किसी विशेषज्ञ से मार्गदर्शन लें, तो कुछ ही दिनों में आप अपने जीवन में खुशियों का निर्माण कर सकते हैं.... ॐ नमः शिवाय

  🌸डॉ नरेंद्र धारणे  , ज्योतिषविद्या  वाचस्पती  / PhD / लेखक  -नासिक

Posted By PT ASHISH TRIPATHIनवंबर 30, 2022

आज का पंचांग: 1 दिसम्बर 2022, गुरुवार,

 आज का पंचांग:

1 दिसम्बर 2022,  गुरुवार, विक्रमी सम्वत 2079, शाका 1944, मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष मास की प्रविष्टा 16, दक्षिणायन, दक्षिणगोल, हेमन्त ऋतु, तिथि अष्टमी सुबह 7:22 तक तदनन्तर नवमी, नक्षत्र पूर्वाभाद्रपद, सूर्योदय 7:12am, सूर्यास्त 5:21pm, राहुकाल दोपहर 1:30 से 3:00 तक

कल: नन्दा नवमी, पंचक विचार, नवमी तिथि का क्षय


*मेष  वैवाहिक सम्बन्धों में मधुरता बनी रहेगी। राजनीति से जुड़े लोगों के लिये समय शुभ है। मनोरञ्जन के भरपूर अवसर मिलेंगे। कार्यक्षेत्र में पदोन्नति मिलने के योग बन रहे हैं। व्यापार में लाभ की स्थितियाँ बनेंगी। आपकी कोई योजना सफल हो सकती है।


🐂 *वृषभ नयी सम्पत्ति में निवेश कर सकते हैं। मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिये दिन बहुत अच्छा है। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। आज आप काम के अलावा अन्य गतिविधियों पर भी ध्यान देंगे। परिवार के सदस्यों के साथ आपके सम्बन्ध मधुर होंगे।


👭 *मिथुन.  अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान रहें। किसी बुजुर्ग की सेहत की चिन्ता रहेगी। काम के दबाव में स्वयं को फँसा हुआ महसूस करेंगे। आपके चलते हुये काम रुक सकते हैं। उच्च अधिकारी आपसे विरोध व्यक्त कर सकते हैं। शिक्षा में बाधा आ सकती है।


🦀 *कर्क ऑफिस में आपको परेशानियों का अनुभव करने पड़ेगा। अचानक बड़े खर्च सामने आने से आपका बैंक-बैलेंस प्रभावित हो सकता है। गैस और कब्जियत की समस्या हो सकती है। दूसरों के मामले में बिना मांगे सलाह न दें। आपको अपनी छवि की चिन्ता रहेगी।


सिंह; कारोबार में नये साझेदार जुड़ सकते हैं। आपकी कार्यशैली से लोग प्रभावित रहेंगे। पार्टनरों के साथ मतभेद दूर होंगे। गम्भीर विषयों पर चर्चा करने का विचार बनायेंगे। नयी नौकरी ढूंढ रहे हैं तो आपको सफलता मिलेगी। मैनेजमेन्ट सम्बन्धी कार्यों के लिये दिन बहुत शुभ है।



👧🏻 *कन्या नये तरीके से काम करने के अवसर मिलेंगे। गुप्त शत्रु आपको नुकसान पहुँचा सकते हैं। लापरवाही में काम बिगड़ने की आशंका है। जॉब में तरक्की मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। समय का दुरुपयोग न करें। लम्बित मामलों को निपटाने में व्यस्त रहेंगे।


⚖ *तुला कला क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिये दिन शुभ नहीं है। व्यर्थ के कार्यों में आपका समय बर्बाद हो सकता है। प्रेमी जन के साथ सारी बातें शेयर न करें। व्यापार में बेहतरीन अवसर मिलेंगे। कार्यक्षेत्र में थोड़ी सावधानी रखनी चाहिये। गैर-जरूरी वस्तुओं को खरीदने पर आपका धन खर्च होगा।


🦂 *वृश्चिक नसों में खिंचाव की समस्या हो सकती है। बातचीत के दौरान गलत शब्दों का चयन न करें। सहकर्मी आपका विरोध कर सकते हैं। कृषि कार्यों से धन लाभ होगा। जॉब में छोटी-मोटी परेशानियाँ लगी रहेंगी। सम्पति विवादों का निपटारा होने के योग बन रहे हैं।


🏹 धनु *जीवनसाथी को करियर के मौके मिलेंगे। काम के अतिरिक्त बोझ के बावजूद आप काफी अच्छा महसूस करेंगे। प्रेमी जन से अपना प्रेम अभिव्यक्त कर सकते हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से कारोबार की गति बढ़ेगी। अधिकारी वर्ग आपकी काफी प्रशंसा करेगा। नया काम शुरू करने के लिये दिन बहुत अच्छा है।


🐊 *मकर जोखिम भरे निवेश से आपको बचना चाहिये। रिश्तेदारों के साथ अपने सम्बन्ध अच्छे रखें। व्यापार में उत्पादन क्षमता बढ़ने से प्रसन्नता होगी। सामाजिक कार्यों में संलग्न रहेंगे। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। परिवार में आपका प्रभाव बढ़ेगा। मार्केटिंग से जुड़े कार्यों में विशेष सफलता मिलने के योग बन रहे हैं।



⚱ *कुंभ दाम्पत्य जीवन का आनन्द उठायेंगे। पुराने मित्रों से आपकी मुलाक़ात होगी। कानूनी मामलों में सफलता मिलेगी। भविष्य को लेकर थोड़े आशंकित हो सकते हैं। तनावपूर्ण स्थितियों के बाद भी आप अपना काम अच्छी तरह से कर लेंगे।


मीन : जॉब में परेशानियाँ बढ़ने की आशंका है। शत्रु पक्ष आपको परेशान कर सकते हैं। मित्रों के साथ अनबन हो सकती है। आज बड़ा महत्वपूर्ण काम करना उचित नहीं है। महत्वपूर्ण सामान गुम हो सकता है। आपको एक साथ कई काम करने से बचना चाहिये।


।💥🌺🚩आपका दिन शुभ हो 🚩

Posted By PT ASHISH TRIPATHIनवंबर 30, 2022

मंगलवार, 29 नवंबर 2022

आज का पंचांग: 30 नवम्बर 2022, बुधवार

 आज का पंचांग:

30 नवम्बर 2022,  बुधवार, विक्रमी सम्वत 2079, शाका 1944, मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष मास की प्रविष्टा 15, दक्षिणायन, दक्षिणगोल, हेमन्त ऋतु, तिथि सप्तमी सुबह 8:59 तक तदनन्तर अष्टमी, नक्षत्र शतभिषा, सूर्योदय 7:12am, सूर्यास्त 5:21pm, राहुकाल दोपहर 12:00 से 1:30 तक

कल: श्रीदुर्गाष्टमी (सुबह 8:59 उपरान्त)


*मेष  आपकी जीवनशैली में सुधार आयेगा। परिवार में सुख-शान्ति बनी रहेगी। पुराने स्वास्थ्य विकार दूर होंगे। उच्च अध्ययन में रुचि ले सकते हैं। यात्रा से बड़ा धन लाभ हो सकता है। बॉस आपसे काफी प्रसन्न रहने वाले हैं। कार्यक्षेत्र में बेहतरीन अवसर मिलेंगे।


🐂 *वृषभ व्यापार को लेकर नये विचार मस्तिष्क में आयेंगे। प्रेम सम्बन्धों को आप काफी महत्व देंगे। बच्चे अपनी पढ़ाई को लेकर थोड़े चिन्तित हो सकते हैं। सहकर्मियों के साथ आपके सम्बन्ध मधुर होंगे। आपके कार्यक्षेत्र में विस्तार हो सकता है। परिवार में प्रसन्नता का माहौल रहेगा।


👭 *मिथुन.  विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन नहीं लगेगा। एसिडिटी और गैस के कारण समस्या होगी। बॉस के साथ अपने सम्बन्ध अच्छे रखें। पिता की सलाह से आपको लाभ मिलेगा। अपने काम के प्रति उदासीन न रहें। फोन पर रिश्तेदारों के साथ बात हो सकती है।


🦀 *कर्क नये कार्यों की शुरुआत करने से बचें। यात्रा के दौरान थकान महसूस होगी। अपने काम को लेकर थोड़े चिन्तित रहेंगे। व्यापार में आपको नुकसान हो सकता है। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। परिवार के लोग आपसे अपेक्षा करेंगे। इस कारण आपके ऊपर दबाव रहेगा।


सिंह; दाम्पत्य जीवन में सामंजस्य बेहतरीन रहेगा। आपकी कला की लोग प्रशंसा करेंगे। व्यापार में बड़ी डील हो सकती है। नया वाहन खरीदने का विचार बनायेंगे। प्रेम सम्बन्ध का आनन्द उठायेंगे। शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर लेंगे।




👧🏻 *कन्या आप दूसरों की समस्याओं को सुलझाने में काफी प्रभावी हो सकते हैं। कठिन कार्य के पूरा होने से आप उत्साहित रहेंगे। सोशल मीडिया में आपकी सक्रियता बढ़ेगी। मन में कुछ नया करने का विचार बनेगा। आपके बातचीत करने के तरीके से लोग प्रभावित रहेंगे।


⚖ *तुला बच्चों की जरूरतों का सामान खरीदने के लिये बाजार जा सकते हैं। आमतौर पर सेहत अच्छी रहेगी। धार्मिक कार्यों में व्यस्त रहेंगे। आज मौज-मस्ती के मूड में रहेंगे। सन्तान को शिक्षा और करियर में बड़ी उपलब्धि मिल सकती है। पढ़ाई में आ रहे अवरोध दूर होंगे।


🦂 *वृश्चिक जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। ठंड के कारण वायरल और जुकाम का शिकार हो सकते हैं। पुरानी समस्या आपको सुलझती हुई नजर आयेंगी। कानूनी मामलों को लेकर थोड़े चिन्तित रहेंगे। अनैतिक कार्यों से दूरी बनाकर रखें। नया रोजगार शुरू कर सकते हैं। आपकी आय में वृद्धि होगी।


🏹 धनु *व्यापार में साझेदारी करने के लिये दिन शुभ है। आपके काम में स्थिरता आयेगी। व्यापार में लाभ होने से मन बेहद प्रसन्न रहेगा। समाज में आप बेहद सक्रिय रहेंगे। दूसरों से ज्यादा अपेक्षा न करें। दिन आपके लिये नयी सम्भावनाओं को जन्म देगा।


🐊 *मकर स्टॉक मार्केट में बहुत बड़ा निवेश करना उचित नहीं है। आँखों में जलन की शिकायत हो सकती है। दुष्टजन आपको हानि पहुँचा सकते हैं। आय से अधिक खर्च होने से आपको नुकसान होगा। आपको कुछ कड़वे अनुभवों का सामना करना पड़ेगा। धन का ज्यादा लालच न करें।



⚱ *कुंभ जीवनसाथी की सलाह का अनुसरण अवश्य करें। नयी परियोजना में आप धन निवेश कर सकते हैं। सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी। आपकी आर्थिक स्थिति बहुत ही अच्छी रहेगी। जॉब में मनोनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे। भौतिक सुख-सुविधाओं का आनन्द लेंगे।


मीन : परिवार के किसी सदस्य का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। दूसरों पर ज्यादा भरोसा न करें। अपनी भावनाओं को संयमित रखें। आज कर्ज बिल्कुल न लें। आपकी बातें लोगों को बुरी लग सकती है। प्रेमी जन के प्रति अपना व्यवहार अच्छा रखें।


।💥🌺🚩आपका दिन शुभ हो 🚩🌺💥*

Posted By PT ASHISH TRIPATHIनवंबर 29, 2022

ॐ का अर्थ

 ॐ का अर्थ


भगवान् आशुतोष (शिव शंकर) को देवताओं के सेनापति कार्तिकेय ने ॐ का अर्थ कुछ इस तरह बताया था, निम्नलिखित पर ध्यान दें....

ॐ एक अक्षर है, एक शब्द है, यह ध्वनि या नाद भी है । ॐ में तीन ध्वनियाँ हैं जिन्हें मात्रा कहा जाता है, वे है “अ”, “उ” और “म” । जब “अ” और “उ” मिल जाते हैं तो “ओ” बनता है और जब इस “ओ” से “म” जुड़ जाता है तब ॐ बनता है । किसी भी व्यक्ति की, चाहे उसकी मात्रभाषा कोई भी क्यों ना हो जब वो उच्चारण के लिए मुह खोलता है तो स्वाभाविक “अ”-कार की ध्वनि निकलती है और जब वो उच्चारण के अनंतर मुह बंद करता है तब केवल “म”-कार की ध्वनि सुनाई पड़ती है और जब वो होठों को पास लाकर मुह को आधा खुला और आधा बंद रखता है तब “उ”-कार की सर्गिक ध्वनि सुनाई पड़ती है यानी जब मुह खोलते हैं तो “अ”, मुह बंद करते हैं तो “म” और दोनों के बीच “उ” की ध्वनि सुनाई देती है । इसलिए साड़ी भाषाओँ की साड़ी ध्वनियाँ चाहे वे स्वर हो या व्यंजन, वे सब ओंकार के अंतर्गत ही आती हैं । इसलिए ॐ विशिष्ट वैश्विक ध्वनि है । 

ॐ ईश्वर का प्रतीक भी है । माण्डुक्य-उपनिषद् के अनुसार जागृत अवस्था का समग्र जागृत प्रपंच ओंकार की प्रथम मात्रा “अ” से अभिव्यक्त होता है, समस्त स्वप्नावस्था का प्रपंच “उ” मात्रा से अभिव्यक्त होता है और सुषुप्ति अवस्था का प्रपंच “म” से अभिव्यक्त होता है । सम्पूर्ण प्रपंच ही ईश्वर है और जागृत, स्वप्न, और सुषुप्ति ही समस्त प्रपंच है । और इन तीनों का प्रतीक “अ”, “उ”, “म” है इसलिए ॐ ही ईश्वर का अतिअद्भुत प्रतीक है । 

ओंकार ईश्वर के निर्गुण रूप का प्रतीक भी है । माण्डुक्य-उपनिषद् का घोष है जैसे तीनों अवस्थाएं ब्रह्म या आत्मा से ही उत्पन्न होती हैं और उसी में विलीन हो जाती हैं वैसे ही तीन मात्राओं से बना ॐ (ओउम्) शान्ति या निशब्दता से उत्पन्न होता है और उसी में विलीन हो जाता है । इसलिए दो ओंकार के उच्चारणों के अंतराल के बीच की निशब्दता जिसे अमात्रा कहते हैं निर्गुण ब्रह्म का ही प्रतीक है । जिस प्रकार ओंकार के उच्चारण के समय “अ” मात्रा “उ” मात्रा में, “उ” मात्रा “म” मात्रा में और “म” मात्रा निशब्दता में विलीन हो जाती है, उसी प्रकार उपासना के समय इसी ॐ के उच्चारण को आधार ले साधक स्थूल जागृत प्रपंच को  सूक्ष्म या मानसिक प्रपंच में, और सूक्ष्म प्रपंच को कारण प्रपंच में विलीन करता है । आगे उसका भी अतिक्रमण कर वह केवल शांत निर्गुण शान्तं शिवम् अद्वैतं आत्मा में ही स्थिर हो जाता है । यही ओंकार उपासना की चरम सीमा है ।


ॐ का दार्शनिक अर्थ : ॐ वो सब अभिव्यक्त करता है जो कुछ अस्तित्व में है और जो समूचे अस्तित्व का मूल है और जो सबसे परे है वह भी । ॐ को प्रणव भी कहते हैं यानी वह जिसके द्वारा ईश्वर की स्तुति की जाती है ।  




प्रश्न: मन्त्रों और प्रार्थनाओ में ॐ क्यों कहा जाता है जैसे ॐ नमः शिवाय, ॐ नमो नारायणाय, ॐ नमो भगवते वासुदेवाय इत्यादि ?

उत्तर: ऐसा कहा जाता है कि ईश्वर ने संसार की रचना ॐ और अथ का उच्चारण के पश्चात आरम्भ की थी । इसलिए ऐसी मान्यता है कि किसी भी कठिन कार्य को आरम्भ करने से पहले ॐ के उच्चारण की ध्वनि शुभ होती है । इसलिए बहुत से मन्त्र और वैदिक प्रार्थनाएं ॐ से ही आरम्भ होती हैं । इतना ही नहीं, दैनिक जीवन में अभिवादन के लिए भी ॐ का प्रयोग किया जाता है जैसे “हरि ॐ” तो इस प्रकार ॐ सब कुछ व्यक्त करता है ।

🌹 ज्योतिषाचार्य डॉ: शैलेन्द्र  सिंगला पलवल हरियाणा

Posted By PT ASHISH TRIPATHIनवंबर 29, 2022

सोमवार, 28 नवंबर 2022

दिसंबर माह के व्रत-त्यौहार,इवेंट्स प्रमुख दिवस

 

साल 2022 का अंतिम महीना दिसंबर जल्दी ही शुरू होने वाला है. इस महीने में अगहन और पौष महीने का योग बनेगा. इस माह में मोक्षदा एकादशी, संकष्टी चतुर्थी, क्रिसमस जैसे कई महत्वपूर्ण व्रत, पर्व एवं विशेष दिवस पड़ेंगे. आगे जानिए दिसंबर 2022 में मनाए जाने वाले त्योहारों की पूरी डिटेलदिसंबर माह के व्रत-त्यौहार

·         3 दिसंबर (शनिवार) मोक्षदा एकादशी, गीता जयंती

·         5 दिसंबर (सोमवार) प्रदोष व्रत (शुक्ल)

·         7 दिसंबर (मंगलवार)- दत्त पूर्णिमा

·         8 दिसंबर (गुरुवार) मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत

·         11 दिसंबर (रविवार) संकष्टी चतुर्थी

·         16 दिसंबर (शुक्रवार)- रुक्मिणी अष्टमी/ खर मास आरंभ (Khar Maas 2022)

·         16 दिसंबर (शुक्रवार) धनु संक्रांति

·         19 दिसंबर (सोमवार) सफला एकादशी

·         21 दिसंबर (बुधवार) प्रदोष व्रत (कृष्ण), मासिक शिवरात्रि

·         23 दिसंबर (शुक्रवार) पौष अमावस्या

·         25 दिसंबर (रविवार) क्रिसमस



दिसंबर माह में मनाए जाएंगे ये इवेंट्स

दिसंबर माह में त्योहारों के अलावा कई दूसरे इवेंट्स भी मनाए जाएंगे, जिसमें 1 -दिसंबर (गुरुवार) को विश्व एड्स दिवस, 2-दिसंबर (शुक्रवार) विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस, 3-दिसंबर (शनिवार) विकलांग लोगों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस, विश्व संरक्षण दिवस, 4-दिसंबर (रविवार) को नौसेना दिवस मनाया जाएगा.

दिसंबर माह के इवेंट्स

दिसंबर में महत्वपूर्ण दिनों की सूची

·         1-दिसंबर (गुरुवार) विश्व एड्स दिवस

·         2-दिसंबर (शुक्रवार) विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस
दासता के उन्मूलन का अंतर्राष्ट्रीय दिवस

·         3-दिसंबर (शनिवार) विकलांग लोगों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस
विश्व संरक्षण दिवस

·         4-दिसंबर (रविवार) नौसेना दिवस

·         5-दिसंबर (सोमवार) आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस

·         7-दिसंबर ((बुधवार) सशस्त्र सेना झंडा दिवस
अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन दिवस

·         9-दिसंबर (शुक्रवार) भ्रष्टाचार के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस

·         10-दिसंबर (शनिवार) मानवाधिकार दिवस

·         11-दिसंबर (रविवार) अंतर्राष्ट्रीय पर्वतीय दिवस

·         14-दिसंबर (बुधवार) अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा दिवस

·         18-दिसंबर (रविवार) अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस

·         19-दिसंबर (सोमवार) गोवा का मुक्ति दिवस

·         20-दिसंबर (मंगलावऱ) अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता

·         23-दिसंबर (शुक्रवार) किसान दिवस (किसान दिवस)

·         29-दिसंबर (गुरुवार) अंतर्राष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस

 

Posted By PT ASHISH TRIPATHIनवंबर 28, 2022