पौष मास प्रारंभ होने जा रहा है, पंचांग के अनुसार 9 दिसंबर 2022, शुक्रवार से हिंदू कैलेंडर का 10वां महीना शुरू हो रहा है. इसके ठीक एक दिन बाद यानि 10 दिसंबर को शनिवार है.
शनि को नाराज नहीं करना चाहिए. शनि गुस्सा हो जाएं तो व्यक्ति का जीवन मुसीबत और परेशानियों से भर देते हैं. समृद्धि छीन लेते हैं. दिन का चैन और रातों की नींद शनि देव उड़ा देते हैं. इसलिए शनि देव की कृपा बहुत जरूरी बताई गई है.
शनि से लोग क्यों डरते हैं?
शनि देव को ज्योतिष शास्त्र में न्याय का कारक ग्रह माना गया है. ज्योतिष ग्रंथ और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शनि कलियुग के दंडाधिकारी हैं. यानि ये न्याय करने वाले माने गए है. मनुष्य के कर्मों का फल शनि देव ही प्रदान करते है. जब व्यक्ति गलत कार्य करता है, तो शनि उसे कठोर दंड देते हैं. शनि की दशा, महादशा, अंर्तदशा, साढ़े साती और शनि की ढैय्या इसलिए कष्टकारी मानी गई है. क्योंकि शनि इन्हीं अवस्थाओं में मनुष्य के गलत कामों का फल प्रदान करते हैं. इसलिए लोग शनि के नाम से ही घबरा जाते हैं.
शनि क्या शुभ फल भी देते हैं?
जी हां, शनि अशुभ ही फल प्रदान करते हैं ऐसा नहीं है. शनि शुभ होने पर अत्यंत शुभ फल प्रदान करते हैं. शनि शुभ हो तो व्यक्ति को उच्च पर, धन और मान सम्मान भी प्रदान करते हैं. शुभ होने पर शनि महाराज वाहन, भवन आदि का भी सुख प्रदान करते हैं यहां तक कि विदेश की सैर भी कराते हैं. इसलिए इस बात को दिमाग से निकाल देना चाहिए कि शनि अशुभ फल ही प्रदान करते हैं.









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