शनिवार, 11 अगस्त 2018

।। आज का राशिफल 12 अगस्त 2018 ।।

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।। आज का राशिफल 12 अगस्त 2018 ।।

मेष (Aries)
स्वास्थ्य का ध्यान रखें। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। धर्नाजन होगा, जोखिम न लें। प्रयत्न एवं दूरदर्शिता से सहयोग एवं समर्थन मिलेगा। पारिवारिक सुख प्राप्त होगा।

वृष (Taurus)
विवाद से क्लेश होगा। दु:खद समाचार मिल सकता है। पुराना रोग उभर सकता है। वस्तुएं संभालकर रखें। सामाजिक प्रतिष्ठा में कमी आ सकती है। कहासुनी, बहस हो सकती है। विवाद समाप्त होने से शांति एवं संतोष मिलेगा। संतान के प्रति झुकाव बढ़ेगा।

मिथुन (Gemini)
प्रयास सफल रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। मनोरंजक यात्रा होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। उच्च और बौद्धिक वर्ग में विशेष सम्मान मिलने की संभावना है। भूमि संबंधी लेन-देन में रुचि बढ़ेगी। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें।

कर्क (Cancer)
अतिथियों का आवागमन होगा। शुभ समाचार मिलेंगे। मान बढ़ेगा। प्रसन्नता रहेगी। धनार्जन होगा। व्यापारिक उन्नति होगी। अनायास किसी समस्या का समाधान हो सकता है। अपना व्यवहार संयमित रखकर काम करना जरूरी है।

सिंह (Leo)
यात्रा मनोरंजक रहेगी। वरिष्‍ठ जन सहयोग करेंगे। भेंट व उपहार की प्रा‍प्ति होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। धनलाभ के अवसर आएंगे। जीवनसाथी से संबंधों में मधुरता आएगी। अहम का भाव मन में न पनपने दें। पूंजी निवेश लाभकारी रहेगा।

कन्या (Virgo)
घर में अशांति रह सकती है। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। तनाव रहेगा। जल्दबाजी न करें। नौकरी, व्यवसाय में इच्छित वातावरण तैयार होगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यों में सफलता की संभावना है।

तुला (Libra)
वाणी पर नियंत्रण रखें। जल्दबाजी न करें। बकाया वसूली होगी। यात्रा मनोरंजक रहेगी। धनार्जन होगा। आलस्य को त्यागकर प्रत्येक काम समय पर करें। व्यापार अच्छा चलेगा। परोपकारी स्वभाव होने के कारण दूसरों की मदद करके सुख अर्जित करेंगे।

वृश्चिक (Scorpio)
नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। पिता का स्वास्थ्य संतोष देगा। आजीविका में प्रगति होगी। समय का दुरुपयोग न करें। अधिकारी कामकाज में सहयोग करेंगे। शत्रु भय रहेगा।

धनु (Sagittarius)
देव दर्शन हो सकता है। सत्संग का लाभ मिलेगा। बाहरी सहयता मिलेगी। रुके कार्य बनेंगे। सुखद यात्रा के योग बनेंगे। सोच-समझकर व्यय करें। पारिवारिक समस्याओं का हल सूझ-बूझ से करेंगे। व्यापार लाभप्रद रहेगा।

मकर (Capricorn)
कष्ट, भय, तनाव का माहौल बनेगा। चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। शत्रु पक्ष से सतर्क रहें। आपके कार्यों की परिवार एवं समाज में प्रशंसा होगी। संतान की मदद से आत्मविश्वास बढ़ेगा। व्यापार में नए अनुबंधों से लाभ होगा।

कुंभ (Aquarius)
कुसंगति से बचें। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। वरिष्ठजन सहयोग करेंगे। प्रसन्नता बनी रहेगी। अपनी स्थिति, योग्यता के अनुरूप कार्य कर पाएंगे। अनसोचे काम होंगे। संपत्ति के लेन-देन में सावधानी रखें। व्यापार अच्छा चलेगा।

मीन (Pisces)
घर-परिवार की चिंता रहेगी। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। बाहरी सहायता प्राप्त होगी। परिवार में सहयोग का वातावरण रहेगा। अनायास समस्या सुलझेगी। व्यापार-व्यवसाय में आशानुकूल स्थिति बनेगी। संत-समागम होगा।

Posted By PT ASHISH TRIPATHIअगस्त 11, 2018

1947 आज़ादी On The Paper Part 2 पर्दाफाश :-

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1947 आज़ादी On  The Paper Part 2 पर्दाफाश :- 
हमने बचपन से ही अखबारों और न्यूज़ में सुना था की कागजों पर ही पुल बन गए या कागजों पर ही तालाब  खोद दिए गए | न जाने कितनी योजनाये On  The Paper होकर ख़त्म भी हो गई |सब कुछ On  The Paper ! लेकिन इसका मतलब पहले तो समझ ही न आया लेकिन जब बड़ा हुआ तो समझा की पेपर या कागजों पर योजना कैसे चलती है और अधिकारियो और नेताओ को कैसे लाभ होता है |कोई भी योजना आई और उससे इतने लोगो को लाभ हुआ लेकिन सिर्फ कागज़ी कार्यवाही में |कोई कुछ भी कहे लेकिन On  The Paper अर्थात रेकॉर्ड या सबुत के तौर पर सब मौजूद होता है |हकीकत में लाभ किसी को हुआ ही नहीं लाभ हुआ तो सिर्फ अधिकारी और नेताओ को !
ऐसे ही न जाने कितनी योजनाये  आई और चली गई तालाब खोदे गए सड़के बनी पुल बने पौधे रोप गए लेकिन सब कुछ On  The Paper !
नेता और अफसर सब मलाई खाते रहे और जनता धोखा !
सब कुछ On  The Paper !
लेकिन यह दिमाग आया कहा से की कुछ करो मत सब लिखापड़ी में रखो की जब कोई मांगे तो दिखाने  के लिये है  ये कार्य हुआ अब कहा हुआ ये कोई नहीं पूछेगा |क्योंकि जनता तो पूछेगी नहीं उसको इतना मालूम ही नहीं है जिसने यह आज तक न पूछा की हमें आज़ादी कैसे मिली और किसने दिलाई ?
यहाँ सवाल मन में कौंध रहा था की यह धोखेबाज़ी  का दिमाग आया कहा से की On  The रिकॉर्ड या कागजों में सब कुछ दिखा दो फोटो दिखा दो शोर मचा दो न्यूज़ में चला दो बस जनता चार दिन बाद सब भूल जाएगी सिर्फ उनको जाति और धर्म के नाम पर लडवा दो |लेकिन इन सब के बीच कई सारे  सवाल  मन में उठ रहे थे और यह सवाल १९४७ की आज़ादी से जुड़े सवालों से भी जुड़ता चला गया |तब का इतिहास और चीज़े और अभी वर्तमान का सब कुछ उल्टा पुल्टा !सब कुछ उलझा हुआ |सवाल दर सवाल बड़ते ही जा रहे थे | इनमे से कुछ सवाल जो अहम् थे
सवाल नंबर एक :-
यह किसकी सोच थी की हमारी पवित्र माँ गंगा और नदियों में टेनरियो का दूषित पानी साथ ही नालो और नालियों को भी नदी और गंगा जी में गिरा दिया जाए !और उसे पूरी तरह से दूषित कर दो|
सवाल नंबर दो -
कैसे धीरे धीरे अंग्रेजी को प्रचलन में लाकर हमारी मात्र भाषा को पीछे कर दिया गया |अंग्रेजी ही सर्वोपरि हो गई कैसे ?
कैसे इंग्लिश ने हमारे चारो ओर एक घेरा बना लिया जिससे हम निकल ही नहीं पा रहे है |
सवाल नंबर तीन -हमारी राष्ट्र भाषा को सिर्फ कागजों में ही राष्ट्र भाषा का अधिकार प्राप्त है क्यों ? जबकि सविंधान आज़ादी के बाद लिखा गया |
सवाल नंबर 4 - कैसे हमारे इतिहास को तोडा मरोड़ा गया और वीर शहीदों की जगह मुगलों को महान बताया गया !
सवाल नंबर ५ - कैसे धीरे धीरे संस्कार संस्कृति और धर्म को पंगु बना दिया गया |
सवाल नंबर ६ :- कैसे भारत वर्ष को इण्डिया और भारतीयों को इंडियन बना दिया गया ! कैसे भारत का अर्थ इंग्लिश में इण्डिया कर दिया गया !
ऐसे ढेरो सवालों का जवाब जो शायद मिल ही न पाए |बचपन से हमने सुना की हमें आज़ादी मिली लेकिन कैसे क्या चंद्र्शेखर  भगत सिंह या फिर सुभास चन्द्र बोस  ने या फिर गाँधी जी के सत्याग्रह ने ! किसने हमें आज़ादी दिलाई !
क्या आज़ादी इन शर्तो पर मिली थी की हम ( अँगरेज़ ) चले जायेंगे लेकिन अंग्रेजी बनी रहेगी सत्ता और कानून में हमारा दखल बना रहेगा |आज़ादी On  The Paper कागजों में इन शर्तो पर मिली थी की आज़ादी के बाद हम अपने  इतिहास को धीरे धीरे भुला देंगे और आने वाली पीड़ी इतिहास और अपने पर्वो में दिलचस्पी ही ना दिखाएगी    |आज़ादी इन शर्तो पर मिलेगी की आप अपने संस्कारो और संस्कृति को धीरे धीरे भूल जायेंगे |आने वाली युवा पीड़ी को ये त्यौहार एक बोझ समझ में आयेगा |अपनी पवित्र माँ गंगा को दूषित कर देना ताकि एक दिन आपके ही लोग उस जल से जिससे वो अपने पाप धोते है एक दिन उसके पास जाने से भी कतरायेंगे और उसे गंगा जल की जगह गन्दा जल कहेंगे |आज़ादी इन शर्तो पर मिली थी की आप अपने आयुर्वेद को भुला देंगे और अंग्रेजी दवाइयों पार निर्भर हो जायेंगे | आप अपने सत्तू निम्बू पानी दही मट्ठा और दूध को भूल कर सॉफ्ट ड्रिंक शराब बियर और पिज़्ज़ा बर्गर जैसे पश्चमी व्यंजनों को पसंद करेंगे |आज़ादी इन शर्तो पर मिली की जिस भारतीय शिक्षा पर विश्व नाज़ करता है जहा दुनिया का पहला विश्वविद्यालय हो जहा ६८ विभिन्न विषयों के योग्य आचार्य हो उस शिक्षा व्यवस्था को ही भ्रष्ट कर दो और इंग्लिश स्कूलों पर निर्भरता ज्यादा हो और सरकारी स्कूलों पर कम !
पूरा शिक्षा तंत्र विदेशी शिक्षा पर निर्भर हो जाए |
आज़ादी इन शर्तो पर मिली की स्वास्थ शिक्षा संस्कृति और संस्कार को खोखला करके पश्चिमी सभ्यता सबके सर चढ़ कर बोले |
हमारा भारत कब इण्डिया बन गया और हम भारतीय कब इन्डियन हो गए पता ही नहीं चला | कब हम शर्म को छोड़कर बेशर्मी की चादर ओड़ने लगे पता ही न चला |हमारी मात्र भाषा कब कमज़ोर होने लगी और अंग्रेजी भाषा कब मजबूत हो गई पता ही न चला |हमारे भारतवर्ष का नया वर्ष कब होता है और क्यों मानते है युवा पीडी को पता ही नहीं वो तो सिर्फ अंग्रेजी नए  साल में पार्टी ही जानते है ! युवा पीडी को आदर सत्कार और संस्कार कब से देना बंद कर दिया पता ही नहीं किसी को |कब पूजा पाठ से अपने युवा पीडी को दूर करते चले गए और कब वो मॉडर्न हो गए ये पता ही नहीं किया | लेकिन हम आजाद ही थे की किसी और गुलामी की और बड रहे थे ये सवाल भी हम इंडियन नहीं पूछ पाए क्योंकि हम लोकतान्त्रिक देश में जो थे !
गावों में जहा सभ्यता और संस्कार की गहरी जड़े थी  आज वहा पर भी ऐसा कुछ नहीं है वो सब जो अपनो को प्यार करते थे चाचा और बाबा के रूप में संयुक्त परिवार में रहते थे आज एकल परिवार में चले गए कैसे ? आज़ादी से पहले जहा संस्कार और संस्कृति आदर और सत्कार की गहरी जड़े और गहरी हो रही थी आज़ादी मिलने के  बाद वो धीरे धीरे कमज़ोर होने लगी क्योंकि उन जड़ो में पश्चिमी सभ्यता रूपी मट्ठा  जो घोला जा रहा था |
यह बात २ फ़रवरी १८३५ को ब्रिटेन की संसद में लार्ड मैकाले के द्वारा  दिए गए उस संवाद से भी सिद्ध होती है जिसमे उसने कहा मुझे एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं दिखाई दिया, जो भिखारी हो, जो चोर हो। इस देश में मैंने इतनी दौलत देखी है, इतने ऊँचे चारित्रिक आदर्श और इतने संस्कारी मनुष्य  देखे हैं की मैं नहीं समझता की हम कभी भी इस देश को जीत पाएँगे । जब तक इसकी जड़ो को खोखला नहीं किया जाता  जो इनकी  आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत है और इसलिए मैं ये प्रस्ताव रखता हूँ की हम इसकी प्राचीन  और पुरातन शिक्षा व्यवस्था, उसकी संस्कृति को बदल डालें, क्यूंकी अगर यह  भारत के लोग यह सोचने लगे की जो भी विदेशी और अंग्रेजी है वह उनसे बेहतर है वे अपने गौरव गाथा , आत्म सम्मान और अपनी ही संस्कृति को भुलाने लगेंगे और वैसे बन जाएंगे जैसा की  हम उन्हें बनाना चाहते हैं । एक ऐसा भारत जो पूरी तरह से गुलाम तो होगा लेकिन वो गुलामी उनको कभी दिखाई भी नहीं पड़ेगी और आज़ादी के बाद हुआ भी ठीक ऐसा ही जैसा की उसने अपने दिए गए भाषण में कहा था |
आल इण्डिया रेडियो इंडियन एयर लाइंस इंडियन रेलवे ऐसे न जाने कहा कहा भारत से इंडिया हो गया |आज़ादी के सत्तर सालो बाद हम आज़ादी का जश्न तो मानते है लेकिन वो आज़ादी असल में गुलामी की नई गाथा लिखी जा रही थी |हमारे ज्योतिष जिसको वेदों की आँखे कहा जाता है उसे आज ठग विद्या के रूप में प्रचारित किया जा रहा है जिसे एक विषय के रूप में आज तक मान्यता नहीं मिली जबकि सभी बड़े से बड़े नेता ज्योतिषियों से मिल कर अपनी सत्ता का निर्माण करते है लेकिन उस विषय को मान्यता या बढ़ावा आज तक नहीं मिला क्यों |जाति धर्म और समुदाय  के आधार पर हमें पहले ही बाँट दिया गया | हिंदुस्तान को भारत और पाकिस्तान में फिर कश्मीर और बलूचिस्तान के विवाद में फंसा दिया गया हम इन विवादों में फसे रह गए और धीरे धीरे हमारी जड़ो को खोखला किया जाता रहा |आज की गुलामी १९४७ से पहले की गुलामी  से ज्यादा खतरनाक है |
आज़ादी के बाद ही हमारा संविधान लिखा गया उस आज़ादी के बाद जो हमें On  The Paper मिली थी |उस संविधान में ही लिखा गया इण्डिया That is  भारत ! India शब्द आया कहा से और कौन था जो भारत को इन्डिया बना कर गुलामी की नई परिभाषा लिख रहा था ? भारत में कई क्षेत्रीय भाषाए है  जैसे भोजपुरी कन्नड़ अवधि तमिल पंजाबी मलयालम सबको को उनके क्षेत्र के अनुसार व्यापक स्थान मिला लेकिन हमारी राजभाषा हिंदी को नहीं उसकी जगह इंग्लिश को ही प्राथमिकता दी जाती रही |ये कही न कही अंग्रेजो की साजिश का एक अहम् हिस्सा था की भारत को इंडिया और हिंदी को अंग्रेजी बना कर इसको गुलाम बना कर रखो !
भारत वर्ष जो अखंड था जो देवताओ का बसाया देश था भारत वर्ष के अखंड स्वरुप को खंड खंड किया जा रहा था |भारत वर्ष को इण्डिया किया जा रहा था और यहाँ के नौकर शाह और राज नेता सब चुपचाप तमाशा देख रहे थे क्यों ?क्या कोई ऐसी शर्त रखी गई थी जो उन्हें ऐसा करने से रोक रही थी |हमारे प्राचीन ग्रन्थ ऋषि मुनि शहीद स्वतंत्रता संग्रांम सेनानी संस्कृति हमारी खोज इन सबसे धीरे धीरे हमारा ध्यान हटाया जा रहा था |आरक्षण धर्म समुदाय क्षेत्र के आधार पर हमे खंड खंड किया जा रहा था |और हम कोल्हू के बैल की तरह आँख में पट्टी बांध कर घूम रहे थे और आज भी घूम रहे है |
अब सवाल यह है की हमें आज़ादी कौन दिला रहा था क्या कोई पिछले दरवाज़े से कोई साजिश कर रहा था या यह अंग्रेजो की कूटनीति थी जो हमें आज़ादी मिली !जो भारत सोने की चिड़िया कहलाता था  उसको गुलामी की जंजीरों में जकड़ा जा रहा था अप्रत्यक्ष रूप से |वर्ष १९४७ से आज तक हम आज़ादी का जश्न तो मना रहे है लेकिन ये कैसी आज़ादी जहा हमारी मात्र भाषा को दरकिनार कर दिया गया हो | जहा भारत को इण्डिया बना दिया गया हो || इस लेख में लिखी गई बाते सिर्फ सवाल है ना कि ऐसा हुआ था और इसे निजी विचारो के तौर पर ही देखे। किसी की भावनाएं आहत हो ऐसी कोशिश नही की है फिर गलतियों के लिए क्षमा ।

Posted By PT ASHISH TRIPATHIअगस्त 11, 2018

शुक्रवार, 10 अगस्त 2018

।। आज का राशिफल 11 अगस्त 2018 ।।

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।। दिन शुक्रवार ।। आप का दिन शुभ हो।।


।। आज का राशिफल 11 अगस्त 2018 ।।
मेष (Aries)
दौड़धूप अधिक रहेगी। बुरी खबर मिल सकती है। वाणी पर नियंत्रण रखें। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। समाज में आपके कार्यों की आलोचना होगी। राजकीय सहयोग मिलेगा एवं इस क्षेत्र के व्यक्तियों से संबंध बढ़ेंगे।

वृष (Taurus)
मेहनत सफल रहेगी। कार्य की प्रशंसा होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। ऐश्वर्य के साधन मिलेंगे। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। व्यापार अच्छा चलेगा। कार्य निर्णय बहुत शांति से विचार करके करना ही शुभ है।

मिथुन (Gemini)
पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। स्वाभिमान बना रहेगा। नौकरी में मनचाही पदोन्नति मिलने के योग बनेंगे। स्वास्थ्य की ओर ध्यान दें। रुका धन मिलेगा। व्यापार में नए अनुबंध होंगे। अजनबियों पर विश्वास न करें।

कर्क (Cancer)
यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। जोखिम न उठाएं। प्रसन्नता रहेगी। धर्म के कार्यों में रुचि आपके मनोबल को ऊंचा करेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना है। व्ययों में कमी करना चाहिए।

सिंह (Leo)
फालतू खर्च होगा। शारीरिक कष्ट संभव है। दूसरों पर अतिविश्वास न करें। वस्तुएं संभालकर रखें। आपकी मिलनसारिता व धैर्यवान प्रवृत्ति आपके जीवन में आनंद का संचार करेगी। स्थायी संपत्ति में वृद्धि होगी। व्यापार अच्छा चलेगा।

कन्या (Virgo)
डूबी हुई रकम प्राप्त होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। सार्वजनिक कार्यों में समय व्यतीत होगा। संतान की ओर से शुभ समाचार मिलेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। रोजगार के क्षेत्र में उन्नति होगी।

तुला (Libra)
घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। योजना फलीभूत होगी। नए अनुबंध होंगे, प्रयास करें। प्रसन्नता रहेगी। उत्तम मनोबल आपकी सभी समस्याओं को हल कर देगा। प्रतिष्ठित जनों से मेलजोल बढ़ेगा। व्यापार में नए प्रस्ताव मिलेंगे।

वृश्चिक (Scorpio)
राजकीय बाधा दूर होगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। प्रसन्नता रहेगी। अपनी वस्तुएं संभालकर रखें। जीवनसाथी से मतभेद। व्यवहारकुशलता से समस्या का समाधान हो सकेगा। वाहन सावधानी से चलाएं।

धनु (Sagittarius)
वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। विवाद को बढ़ावा न दें। कुसंगति से हानि होगी। आय कम होगी। नए संबंध लाभदायी सिद्ध होंगे। व्यावसायिक क्षेत्र में सफलता का विशेष योग है। व्यापारिक निर्णय जल्दबाजी में न लें।

मकर (Capricorn)
राजकीय बाधा दूर होगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। चिंता रहेगी। प्रमाद न करें। परेशानियों का मुकाबला करके भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे। शिक्षा व ज्ञान में वृद्धि होगी। अधूरे पड़े काम पूरे होने के योग हैं।

कुंभ (Aquarius)
संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। शत्रु परास्त होंगे। बेरोजगारी दूर होगी। यात्रा, नौकरी व निवेश लाभदायक रहेंगे। व्यापार में कर्मचारियों पर अधिक विश्वास न करें। आर्थिक स्थिति कमजोर रहेगी। संतान की शिक्षा संबंधी समस्या रह सकती है।

मीन (Pisces)
यात्रा मनोरंजक रहेगी। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। आय में अधिक व्यय से मनोबल कमजोर पड़ सकता है। कार्य, व्यवसाय के क्षेत्र में विभिन्न बाधाओं से मन अशांत रहेगा।

Posted By PT ASHISH TRIPATHIअगस्त 10, 2018

खजाने की खोज में हम ! Search of Gold

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खजाने की खोज में हम !

आज के समय में प्रतेक व्यक्ति चाहे वो पैसे वाला हो या गरीब सभी परेशां है दुखी है क्यों, क्योंकि उनके जीवन में सब कुछ तो मिल रहा है लेकिन खुशिया नहीं मिल रही है / खुशिया तो खरीदी भी नहीं जा सकती है / न ही कोई खुशियों का भंडारा कर रहा है न ही कोई खुशियों का दान कर कर रहा है जो लाइन में खडे होकर हम खुशिया पा लेंगे / सभी भाग रहे है रणभूमि में जिस रणभूमि में सभी का लक्ष्य उस खजाने को पाने का है जिसके लिए सभी लड़ रहे है उस खजाने के लिए / कह भी रहे है सभी कि उस खजाने को पाने के बाद जीवन तृप्त हो जायेगा / लेकिन रन भूमि में उस खजाने को पाने के बाद भी सभी अतृप्त नज़र आ रहे है / जिसको खजाना मिल गया वो भी अतृप्त  है और जिसको नहीं मिला वो भी अतृप्त है / क्यों खजाना मिलने के बाद तो सब ठीक हो जाना चाहिए था लेकिन फिर भी हम वही कि वाही  ही खड़े है क्यों / क्योंकि खजाना तो खाली था जिस खजाने को हम देख रहे थे और जिसको लड़ कर हासिल किया वास्तव में वो खजाना मिलने के बाद तो हमे मालूम पड़ा कि वो खजाना तो कम था, पूरा खजाना तो हमे मिला ही नहीं / पूरा खजाना जिसमे धन हो, सम्मान हो, पद हो, ख़ुशी हो, लेकिन हमे तो एसा या ये सब तो मिला ही नहीं इनमे से कुछ ही तो मिल पाया अर्थात इतना लडने और दौडने के बाद भी हम हार गए जो चाहिए था वो तो मिला ही नहीं जिसके लिए दौड़ रहे थे, जिसको दूर से देखा वो तो ये था ही नहीं आखिर वो खजाना है कहा ?
उस पूरे खजाने कि तलाश तो वर्षो से चल रही है और हम सभी खोज रहे है दूर से देखने में तो वो पूरा ही लगता है लेकिन जैसे जैसे उसके पास जाते जाते है वो कम होता जाता है या उस खजाने से कुछ चीजे हमेशा कम हो जाती है / ऐसे खजाने कि खोज हमेशा होती रहेगी / एक ऐसा खजाना जो परिपूर्ण हो / वो परिपूर्ण खजाना कैसे प्राप्त होगा आखिर पूरे खजाने कि खोज कब समाप्त होगी क्या वो जमीन  के नीचे गडा है या असमान के ऊपर है वो कहा है जो वास्तव में परिपूर्ण है ?
परिपूर्ण खजाना तभी प्राप्त होता है जब हम खुशिया बाटे ख़ुशी तब बाट सकते है जब हम खुश हो क्या दान तभी दिया जा सकता है जब पैसे हो, क्या भंडारा तभी किया जा सकता है जब अनाज हो ,नहीं ऐसा नहीं है पैसा हो तभी दान देना चाहिए या तभी भंडारा करवाना चाहिए जब अनाज हो ये तो हम सोच रहे है कि हमारे पास कुछ नहीं है लेकिन मन होता है ऐसा भी करने का लेकिन ईश्वर ने हमे इतना नहीं दिया कि हम ये सब कर सके लेकिन क्या जो दिया, वो कर पा रहे है नहीं फिर देने के बाद क्या पता आप न करे ?
लेकिन कुछ न होने के बाद भी तो दान और भंडारा किया जा सकता है  भंडारा खुशियों का और दान शिक्षा का श्रम का दान अच्छे संस्कारो का, तो कर सकते है जो ईश्वर ने हमे दिया है लेकिन हम नहीं कर रहे है और जो नहीं है उसकी इच्छा कर रहे और वो आने के बाद फिर वही ईश्वर ने हमे ये नहीं दिया, दिया होता तो करता / ऐसे भंडारे और दान करने से ख़ुशी मिलती है ,वो ख़ुशी किसी खजाने से कम नहीं होती है इसके बाद आपका सम्मान बढेगा आपको कोई ख़राब नहीं कहेगा आपका समाज में पद होगा जो एक परिपूर्ण खजाना है / लोगो के देखने और सोचने का नजरिया बदल जायेगा / इन सब से जो ख़ुशी मिलेगी वो पैसे होने के पहले और पैसे होंने के बाद भी नहीं मिलेगी /
हमारे जीवन का लक्ष्य दान का हो कि हमे रोजाना दान करना है संस्कारो का शिक्षा का ,श्रम का और बाटनी है ढेर सारी खुशिया / आपके द्वारा किये गए ये कार्य और बाटी गई ये खुशिया आपके पास 10 गुनी रफ़्तार से और 100 गुना ज्यादा हो कर वापस आती हुई दिखाई देंगी / और आपको उड़ा के ले जाएँगी अपने साथ उस खजाने के पास जो खजाना आप बचपन में माँ कि गोद से लेकर माटी पर घुटने चलते हुए कर्म प्रधान बन कर दौडते ही उस रणभूमि मे लडते हुए ही खोज रहे थे / ये खजाना आपको जमीं के अन्दर खुदाई करने से नहीं मिलेगा / जमीं से ऊपर  और आकाश के नीचे सूर्य के उजाले में और चाँद कि दुधिया रौशनी में नहाता हुआ गंगा जल सा ठंडा और पवित्र मन और तन के साथ दिमाग को उड़ा कर ऐसे स्थान पर ले जाता है जहा आपके सामने सभी छोटे नज़र आते है, लेकिन इसके बाद भी सब आपको प्यार करते है और आप सब को प्यार करते है और आप खुश है आपके अन्दर घ्रणा ईर्ष्या घमंड कुछ भी नहीं होता है यहाँ तक कि आपके पास पैसा हो या न हो कोई फर्क नहीं पड़ता है / लेकिन ये खजाना जो मिला है इसे कोई लूट न ले, ये बढता जाए और बढता जाय / वास्तव में ये जो खजाना मिला है ये कोई ले ही न पायेगा क्योंकि मैं खुद जितना खजाना बाटता जा रहा हु लुटा रहा हु ये ईश्वर उससे 100 गुना तेज़ी से और 1000 गुना ज्यादा वापस दे कर फिर से मुझे उड़ा  कर ले जा रहा है, मैं रो रहा हु मैं हस रहा हु मैं नाच रहा हु मैं मैं कहा हु  मैं जानना नहीं चाहता हु लेकिन शायद मैं उस ईश्वर के पास हु ये ही तो वो खजाना है जो खोजा जा रहा है लेकिन मिल नहीं रहा है मैं ये खजाना पा चूका हु और सबको दोनों हाथो से लुटा रहा हु खुशियों से नाच रहा हु रो रहा हु भाग रहा हु इधर उधर बाटता जा रहा हु फिर भी ये क्या ईश्वर मेरे ईश्वर हम सब के ईश्वर बता दे सबको कि मत दौड़ो इस दुनिया कि अंधी भीड़ में मत लड़ो सम्मान के लिए मत लड़ो भगवान के लिए मत लड़ो पैसो के लिए मस्त हो कर खुश हो कर खजाना बाटो क्योंकि खजाना जमीं के अन्दर खुदाई करने से सपने में आने से नहीं मिलता /
आज का इन्सान दिमागी रूप से बहूत ही अच्छा है इतना अच्छा कि बेहतर दिमाग के साथ तकनिकी का साथ हम पहले से ज्यादा सक्षम भी है / नए से नए  तकनिकी खोज रहे है हम नए नए अविष्कार कर रहे है चाँद से लेकर मंगल तक जाने कि बातो को सच कर रहे है हमारे पूर्वजो ने जो बाते हवा में या यु ही कह दी थी उन्हे हम सच्चाई के धरातल पर ले कर आ चुके है उनका देखा गया सपना सच कर के दिखा रहे है / आज क्या संभव नहीं है सभी सब कुछ लेकिन फिर भी तकनिकी रूप से इतना सुद्रण होने के बाद भी क्या अभी तक हम एक परिपूर्ण चारित्रिक और एक अच्छा इन्सान बना सके है नहीं क्यों ,क्या इतनी तकनिकी विकसित करने के बाद भी इतनी अविष्कारों के बाद भी हम लोगो के अन्दर से गन्दगी और बुरइयो को मिटा सके है नहीं ? उन सिसकियों को खुशियों में बदलने वाली मशीन बना पाय है जो बेआबरू कर दी गई है उस इन्सान को सही कर पायेंगे जिसने जिंदगी को बर्बाद कर दिया है नहीं ,क्या आज तक हम एक अच्छी सोच विकसित कर पाय है क्यों नहीं कर पाय है क्योंकि हम अभी भी उस झूठे खजाने कि दौड़ में दौड़ रहे है अंधे बन कर सब जानते हुए भी अनजान बन जाते है सब पता है हमे लेकिन अज्ञानता कि चादर ओड़ कर निकल पड़ते है / अपने दिमाग में ये घर कर बैठे है कि पैसा ही सब कुछ है हमारा शरीर हमारा जीवन किसके लिए है क्या पैसे के लिए है फिर शरीर के साथ पैसा और खुद शरीर इस धरती में क्यों रह जाता है सब माटी में क्यों मिल जाता है / जिन चीजों को  हम छु सकते है वो हमारे साथ नहीं रह जाती है और जिन चीजों को हम छु नहीं सकते, महसूस कर सकते है वो हमारे साथ हमेशा रहती है जिंदगी के साथ भी और जिन्दगी न होने के बाद भी खजाना जो ईश्वर हमे देता है खोज जो ईश्वर तक ले जाती है वो ज्ञान जो अध्यात्मिक है वो तकनिकी जो अच्छे  दिमाग विकसित कर सके वो अविष्कार जो अच्छे और बुरे चरित्र को खोज सके / किसी के साथ बुरा न हो कोई बेआबरू न हो चारो और खुशिया हो चारो और लोग उस खुशियों के खजाने को लूट रहे हो आपस में बाट  रहे हो प्यार खुशिया , सोचिये क्या नजारा होगा जब सब ओर खुशिया ही खुशिया होंगी किसी चेहरे पर परेशानी न हो सब मुस्करा रहे हो सुबह से लेकर शाम तक सब मुस्करा रहे  हो और सोते समय भी हसते रहे, उठे भी तो मुस्कराते हुए / चारो और खुशिया ही खुशिया कोई  समस्या नहो कोई परेशानी न हो / सब लोग लूट लो उस खजाने जो लूटा जा रहा है सालो से लेकिन कोई लूट न पाया /




आओ खोजे ऐसा खजाना लूट जाये, तो भी बढता जाये,
जिसके लिए कोई लडे, न मरे, न डरे,
बस लूटे और लुटाये, खजाना फिर भी बढता जाये,
खुशिया हो, त्याग हो, प्यार हो, सम्मान हो,
न हो ईर्ष्या, न हो घ्रणा, न हो बुराई,
हो ऐसी तकनिकी जिससे अच्छा इन्सान बन जाये,
आओ खोजे ऐसा खजाना जहा ईश्वर और इन्सान मिल जाये /
आओ खोजे ऐसा खजाना लूट जाये, तो भी बढता जाये,
ये लेख ईश्वर और इन्सान पत्रिका से लिया गया है जिसके सर्वेअधिकार सुरक्षित है /  
Written By :- 
Pandit Aasheesh Tripathi
 Jyotish Aacharya

Posted By PT ASHISH TRIPATHIअगस्त 10, 2018

गुरुवार, 9 अगस्त 2018

।। आज का राशिफल 10 अगस्त 2018 ।।

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।। दिन शुक्रवार ।। आज का दिन शुभ हो  ।।

मेष (Aries)
दु:खद समाचार मिल सकता है। विरोध होगा। व्यर्थ भागदौड़ होगी। लाभ के अवसर टलेंगे। विवाद न करें। कार्य निर्णय बहुत शांति से विचार करके करना ही शुभ है। स्वास्थ्य की ओर ध्यान दें। रुका धन मिलेगा।

वृष (Taurus)
सुख के साधन जुटेंगे। प्रयास सफल रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। नौकरी में मनचाही पदोन्नति मिलने के योग बनेंगे। धर्म के कार्यों में रुचि आपके मनोबल को ऊंचा करेगी। अजनबियों पर विश्वास न करें।

मिथुन (Gemini)
फालतू खर्च होगा। अतिथियों का आगमन होगा। शुभ समाचार मिलेंगे। मान बढ़ेगा। विवाद न करें। आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना है। व्यापार में नए अनुबंध होंगे। व्ययों में कमी करना चाहिए। व्यापार अच्छा चलेगा। जीवनसाथी से मतभेद।

कर्क (Cancer)
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। नेत्र पीड़ा संभव है। विवाद न करें। रोजगार मिलेगा। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। आपकी मिलनसारिता व धैर्यवान प्रवृत्ति आपके जीवन में आनंद का संचार करेगी। स्थायी संपत्ति में वृद्धि होगी।

सिंह (Leo)
कुसंगति से बचें। लेन-देन में सावधानी रखें। शारीरिक कष्ट संभव है। व्ययवृद्धि से तनाव रहेगा। विवाद न करें। सार्वजनिक कार्यों में समय व्यतीत होगा। संतान की ओर से शुभ समाचार मिलेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। रोजगार के क्षेत्र में उन्नति होगी।

कन्या (Virgo)
वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा सफल रहेगी। लाभ होगा। उत्तम मनोबल आपकी सभी समस्याओं को हल कर देगा। प्रतिष्ठित जनों से मेलजोल बढ़ेगा। व्यापार में नए प्रस्ताव मिलेंगे।

तुला (Libra)
नई योजना बनेगी। कार्य का विस्तार होगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। अपनी वस्तुएं संभालकर रखें। काम के प्रति दृढ़ता से कार्य में अनुकूल सफलता मिल सकेगी। पारिवारिक सुख व धन बढ़ेगा। वाणी संयम आवश्यक है।

वृश्चिक (Scorpio)
धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कानूनी अड़चन दूर होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। समाज के कामों में उत्साहपूर्वक भाग लेंगे। नौकरी में तबादला तथा पदोन्नति के योग हैं। अनावश्यक क्रोध न करें। धन संबंधी काम पूरे होंगे।

धनु (Sagittarius)
पुराना रोग उभर सकता है। चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। आय में कमी रहेगी। धैर्य रखें। स्वास्थ्य की समस्या हल होगी। ईश्वर के प्रति आस्था बढ़ेगी। जीवनसाथी की भावनाओं को समझें। आर्थिक निवेश लाभकारी रहेगा।

मकर (Capricorn)
परिवार की चिंता रहेगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। परोपकार करके मानसिक सुख अर्जित करेंगे। व्यापारिक स्थिति आशाजनक रहेगी। पारिवारिक, मांगलिक कार्य की योजना बनेगी। कर्ज लेने से बचना चाहिए।

कुंभ (Aquarius)
शत्रु परास्त होंगे। भूमि व भवन की खरीद-फरोख्त हो सकती है। रोजगार मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। नवीन गतिविधियां लाभकारी रहेंगी। व्यापार में नई योजनाओं का प्रारंभ होगा। पराक्रम के प्रति निष्क्रियता के कारण मन अप्रसन्न रहेगा।

मीन (Pisces)
विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। रोजगार की चिंता रह सकती है। स्वास्थ्य ठीक रहेगा। मानसिक दृढ़ता से निर्णय लेकर कार्य करना चाहिए। व्यापार में लाभकारी परिवर्तन होंगे।

Posted By PT ASHISH TRIPATHIअगस्त 09, 2018

BOOK OF GOD :- -: ईश्वर की पुस्तक :-


-:BOOK OF GOD :-
-: ईश्वर की पुस्तक 
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ईश्वर जब हमे जन्म देता है तो एक पुस्तक भी हमारे साथ दे देता है है ..जिस पुस्तक के प्रष्टो को हमे खुद भरना होता है ..या यु कहे की यही हमारा होम वर्क या गृह कार्य होता है ...जैसा की स्कूल में होता है एक मुख्या पुस्तक होती है जो की हमारे गुरु जन के पास होती है और गुरु जन या अध्यापक उस पुस्तक से हमे साल भर पढ़ाते है और पूरी पुस्तक से जो मुख्या पाठ होते है वो ही बताते है जो की हमे परीक्षा के समय सफल होने का मार्ग साफ करते है..और हमरे गुरु जन उस मुख्या पुस्तक से कुछ अध्याय ही पड़ते है प्रतिदिन और हमे गह कार्य या होम वर्क करके लाने के लिए कहते है .. और अगले दिन हमे उसके अनुसार ही नंबर देते है ..और जरुरत पडने पर पिटाई भी करते है ... इस प्रकार ही गुरु और महात्मा हमे ईश्वर द्वरा लिखी गई किताब का सार बताते है और उसी के अनुसार कार्य करने का प्रवचन देते है जो उसके अनुसार कार्य करता है उसे अच्छे नंबर मिलते है जो नहीं करता है उसकी पिटाई होती है ..या यु कहे उसे कष्ट मिलते है ... हम कितने चतुर है सब जानते है ये शायद प्रतेक इन्सान के जीवन की घटना होगी अपवाद छोड़ कर .. की जब हम सभी पढाई करते है तो खूब मेहनत से करते है सभी लेकिन एक गाइड होती है या गेस पेपर या फिर पेपर आउट ही हो जाता है जिसे पाने के लिए लालाइत रहते है क्यों के उसके द्वारा हम आसानी से अच्छे नंबर ला सकते है .. लेकिन क्या आप जानते है की ईश्वर जो किताब हमे देता है जिसमे हमे अपने अच्छे और बुरे कर्म लिखने होते है उसमे भी हम गेस पेपर और गाइड का सहारा लेते है क्यों और कैसे बताता हु ... ईश्वर जो किताब हमे देते है और हमे अपने जीवन में किये गय अच्छे और बुरे कर्म उसमे लिखने होते है लेकिन हम ज्योतिष की सलाह लेकर शोर्ट कट से आगे बढना चाहते है .. हम ज्योतिषियों से जानना चाहते है की हमारे जीवन में कष्ट क्यों है एसा बुरा क्यों हो रहा है हमरे साथ .. लेकिन पूछते समय भी उसके मन में शंका रहती है की क्या ये सही बता पायेगा ..अगर हम अच्छे कर्म करते रहेंगे और जीवन में किसी को पीड़ा नहीं पहुच्येंगे तो हमारी पुष्तक में खुशिया लिखी होनी न की कष्ट .. फिर हम प्रश्न कुंडली हस्त रेखा और अन्य माध्यमो से क्यों जानना चाहते है .या अपने कर्मो को बदलना क्यों चाहते है //क्या हम नहीं जानते की हम अपने जीवन में अच्छे कर्म कर रहे है या बुरे कर्म जानते है फिर भी करते है ये सोच कर कौन देख रहा है .. आप जब अंधरे में होते हो और कोई नज़र नहीं आता तो कौन याद आता है उस समय ईश्वर और सिर्फ ईश्वर क्यों क्योंकि वो सब जगह विद्यमान है उसके लिए अँधेरा क्या उजाला क्या .. और हम जानते है को हमे अंधरे से निकल कर उस्जलेउजाले की और ले जायेगा लेकिन बुरे कर्म करते समय हम ये नहीं सोचते की ईश्वर यहाँ भी हमे देख रहा है और उसके कैमरे से हमारी रिकार्डिंग हो रही है .... इस लिए खुद आचारण बदलो और जीना सीखो मस्त हो कर .. 

Posted By PT ASHISH TRIPATHIअगस्त 09, 2018

बुधवार, 8 अगस्त 2018

।। आज का राशिफल 9 अगस्त 2018।।

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।। आज का राशिफल 9 अगस्त 2018।।

मेष (Aries)
मेहनत का फल मिलेगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। थकान रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। भूमि, आवास की समस्या रह सकती है। आजीविका में नवीन प्रस्ताव मिलेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। संतान से कष्ट रहेगा।

वृष (Taurus)
भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। मान बढ़ेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। अपनी बुद्धिमत्ता से आप सही निर्णय लेने में सक्षम होंगे। विकास की योजनाएं बनेंगी। निजीजनों में असंतोष हो सकता है। व्यापार में इच्छित लाभ होगा।

मिथुन (Gemini)
भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। जोखिम न लें। व्यावसायिक चिंता दूर हो सकेगी। स्वयं के सामर्थ्य से ही भाग्योन्नति के अवसर आएंगे। योजनाएं फलीभूत होंगी।

कर्क (Cancer)
वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। वस्तुएं संभालकर रखें। स्वास्थ्य पर व्यय होगा। विवाद न करें। यात्रा में अपनी वस्तुओं को संभालकर रखें। कर्म के प्रति पूर्ण समर्पण व उत्साह रखें। अधीनस्थों की ओर ध्यान दें। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।

सिंह (Leo)
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। आय बढ़ेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। अपने व्यसनों पर नियंत्रण रखते हुए कार्य करना चाहिए। व्यापार में कर्मचारियों पर अधिक विश्वास न करें। आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी।

कन्या (Virgo)
नए अनुबंध होंगे। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। झंझटों में न पड़ें। शत्रु सक्रिय रहेंगे। कार्य की प्रवृत्ति में यथार्थता व व्यावहारिकता का समावेश आवश्यक है। व्यापार में नई योजनाओं पर कार्य नहीं होंगे। जीवनसाथी का ध्यान रखें।

तुला (Libra)
धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। राजकीय बाधा दूर होगी। वरिष्ठजन सहयोग करेंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बुद्धि एवं तर्क से कार्य में सफलता के योग बनेंगे। यात्रा कष्टप्रद हो सकती है। अतः उसका परित्याग करें। व्यापार लाभप्रद रहेगा।

वृश्चिक (Scorpio)
समय ठीक नहीं है। वाहन, मशीनरी व अग्नि के प्रयोग में सावधानी रखें। लेन-देन में सावधानी रखें। विवाद न करें। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। सकारात्मक विचारों के कारण प्रगति के योग आएंगे। कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाए रखें।

धनु (Sagittarius)
प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय काम बनेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। चिंता रहेगी। जोखिम न उठाएं। संतान से मदद मिलेगी। आर्थिक स्थिति में प्रगति की संभावना है। अचानक धन की प्राप्ति के योग हैं। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें।

मकर (Capricorn)
संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। धनार्जन होगा। समाज में प्रसिद्धि के कारण सम्मान में बढ़ौत्री होगी। आजीविका में नवीन प्रस्ताव मिलेंगे। परिवार की समस्याओं को अनदेखा न करें।

कुंभ (Aquarius)
किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। कामकाज में धैर्य रखने से सफलता मिल सकेगी। योजनाएं फलीभूत होंगी। मित्रों में आपका वर्चस्व बढ़ेगा। स्वास्थ्य की ओर ध्यान दें।

मीन (Pisces)
दूसरों से अपेक्षा न करें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। थकान रहेगी। जोखिम न लें। विवाद से बचें। राजकीय सहयोग मिलेगा एवं इस क्षेत्र के व्यक्तियों से संबंध बढ़ेंगे। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। व्यापार अच्छा चलेगा। वाणी पर संयम रखें।

Posted By PT ASHISH TRIPATHIअगस्त 08, 2018