शनिवार, 21 जुलाई 2018

क्यों पूज्यनीय है गणपति प्रथम ?

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क्यों पूज्यनीय है गणपति प्रथम ?
भगवान गणेश सनातनधर्म में प्रथम पूज्यनीय बताय गय है हम सभी अपने सभी शुभ कार्यो से पहले भगवान  गणेश का पूजन करते है पुराणों में इस सम्बन्ध में कई कथाएई वर्णित है जिनमे से एक है कुछ इस प्रकार :-   
पुराणों में गणेश को शिव-शक्ति का पुत्र बताया गया है। शिवपुराण की कथा में है कि माता पार्वती ने अपनी देह की उबटन से एक पुतले का निर्माण किया और उसमें प्राण फूंककर अपना पुत्र बना दिया। इस पुत्र के हाथ में एक छड़ी जैसा अस्त्र देकर मां ने उसे अपना द्वारपाल बना दिया। 

उनकी आज्ञा का पालन करते हुए बालक ने भगवान शंकर को घर में प्रवेश नहीं करने दिया। तब शिवजी ने अपने त्रिशूल से उसका मस्तक काट दिया। बाद में बालक गजमुख हो गया। 

पुत्र की दुर्दशा से क्रुद्ध जगदंबा को शांत करने के लिए जब देवगणों ने प्रार्थना की,तब माता पार्वती ने कहा-ऐसा तभी संभव है,जब मेरे पुत्र को समस्त देवताओं के मध्य पूज्यनीय माना जाए।

शिव जी ने उन्हें वरदान दिया-जो तुम्हारी पूजा करेगा,उसके सारे कार्य सिद्ध होंगे।ब्रह्मा-विष्णु-महेश ने कहा-पहले गणेश की पूजा करें,तत्पश्चात् ही हमारा पूजन करें।इस प्रकार गणेश बन गएगणाध्यक्षगणपतिका मतलब भी है देवताओं में सर्वोपरि।
मेरा कहना है कि जो भी कथाए  प्रचिलित है या जो भी जिस भी कथा पर विश्वास करता  है वो बहस का मुद्दा न होकर मुद्दा ये होना चाहिए  कि सभी कथाओ  से हमे  क्या शिक्षा मिलती है कि हमे पुराणों में लिखी गई बात से सन्देश क्या मिलता है हम सालो से सिर्फ यही तो करते आ रहे है  गणेश को ही प्रतेक शुभ कर्म के पहले पूजते है फिर सभी देवी देवताओ  कि पूजा , क्यों क्या कभी सोचा  नहीं क्योंकि सालो से जो हुआ  पड़ा जो देखा  वही किया न कि अपना  दिमाग प्रयोग किया ?
भगवान गणेश समाज के एक ऐसे  चरित्र को प्रदर्शित करते है जो विकृत है जो शारीरिक रूप से विकृत है/ वो (इन्सान ) जिसको इस प्रथ्वी में  श्रष्टि के रचियता ने विकृत बना दिया आधुनिक युग कि बात करे तो हारमोंस और गुण सूत्रों   के कारण कोई बच्चा विकृत पैदा हो जाता है / भगवान शिव और माँ पार्वती ने समाज को गणेश रूप में ये सन्देश दिया कि जो समाज में शारीरिक रूप से विकृत है उसे पूजे यानि  अपने सभी शुभ कार्यो में उसे पहले पूछे / उसको बार बार यह अहसास न दे  कि वो विकृत है वो सबके जैसा नहीं है उसको दुःख पहुचेगा आपके शुभ कार्यो में जब सभी घर के सदस्य खुश होंगे तो घर का ही एक सदस्य दुखी होगा जो शारीरिक रूप से विकृत होगा क्या यह ख़ुशी पुरे  परिवार कि ख़ुशी होगी नहीं यह आप खुद जानते है /क्या उसे जिसके लिए वो खुद जिम्मेदार नहीं है उसकी सजा उसको जीवन भर आप सभी कामो में पीछे कर के देते रहेंगे और आपकी सभी खुशिया अधूरी रह जाएँगी /अगर अपने उस विकृत भाई बहन बेटी या बेटे को हम अपने  सभी कामो में पहले पूछते है को उसका मन अंदर से ज्याद ख़ुशी महसूस करेगा और उसके दिल से अपने घर के लिए भी अच्छी प्राथना ही निकलेगी न कि दुखी मन से अच्छी प्राथना नहीं निकलेगी / लेकिन उसको जो विकृत है शारीर से उसको अगर हम अपनी खुशियों में बराबर का हिस्सा देते है तो हम हमेशा खुश रहेंगे / वो खुशिया हमे आगे  बढने  में मदद करेंगे /
एक सवाल यह भी है कि भगवान गणेश और उनकी सवारी मूषक से लोग  हजारो मुरादे मांगते है कि मेरा ये काम हो जाय आदि आदि /लेकिन अगर गणपति अगर अपने वास्तविक स्वरुप में खुद उनके घर में पुत्र रूप में जन्म ले ले तो उन्हे हम कितने दिन प्यार करेंगे या पूजेंगे  एक दिन दो दिन या फिर एक माह शायद इससे ज्यादा नहीं फिर वो हमारे लिए बोझ हो जायेंगे / उनको तब कोई पसंद नहीं करेगा सभी हसेंगे / और कितनी ही लडकिया उनसे शादी के लिए तैयार हो जाएँगी एक भी नहीं / अरे जब गणपति आपके साथ है तब आपको बोझ लगने लगते है आप  उन्हे पसंद नहीं करते है और जब गणपति नहीं होते है वो मूर्ति के रूप में होते है तो हम पत्थर को पूजते है प्रसाद चडाते है वहा प्रभु  तेरी माया ! गणपति यानि अगर घर में कोई लड़का या लड़की विकृत रूप में पैदा होता या होती है तो उसे स्वीकार करना हमे कठिन हो जाता है /
 भगवान को मंदिरों में ढूँढने वाले भक्त भगवान भगवान हमारे आस पास ही है बस नजरे तो खोलो अन्धो के पीछे आँख में पट्टी बांध कर मत चलो /इस समाज में एक विकृत रूप है जो न पुरुष है और न जो स्त्री है जो किन्नर है जो हिजड़ा है उसे  समाज में क्या दर्ज़ा प्राप्त है सभी जानते है लेकिन हमारे  सभी शुभ कार्यो में वो आते है और हमें आशीर्वाद  दे कर जाते है   जो समाज  में विकृत है शारीरिक  रूप से /और समाज के मानसिक रूप से /इन किन्नरों कि दुआ सच होती है और बददुआ भी  /
सिर्फ भारत में ही हजारो कि संख्या में संत और धर्मगुरु प्रवचन  देते है और न जाने कितने टी वी  चैनल में पत्र पत्रिकाओ में फिर भी लोगो में अज्ञान फैला हुआ है क्यों क्या सही ज्ञान नहीं दिया जा रहा है शायद इसलिए /
इस बात को इसे भी समझा जा सकता है कि हम बचपन से लेकर बुडापे  तक नाई  कि दुकान पर जाते है बाल कटवाते है फिर बदते है फिर कटवाते है फिर ये क्रम चलता रहता है और नाई कि दुकान भी चलती रहती है न ही हम ये पूछते है कि कोई उपाय जो बाल बडे ही न नहीं वो बताता है , वो बताता इसलिए नहीं है कि उसको पता नहीं होता है और हमारे द्वारा किया गया प्रशन मूर्खो कि श्रेणी में आ जाता है /
हम अगर ईश्वर  है कि नहीं है ये पूछे धर्म  गुरु से तो वो मुर्ख अज्ञानी बताते है और शायद उन्हे  भी नहीं पता कि भगवान है कि नहीं ...............इसलिए ही  गणपति प्रथम  पूजनीय है  /

Posted By PT ASHISH TRIPATHIजुलाई 21, 2018

शुक्रवार, 20 जुलाई 2018

आज का राशिफल 21 जुलाई 2018

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पंडित आशीष त्रिपाठी
।। मां काली की कृपादृष्टि आप पर सदैव ही बनी रहे ।।

आज का राशिफल 21 जुलाई 2018
मेष (Aries)
राजकीय बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। घर-परिवार में प्रसन्नता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा।

वृष (Taurus)
बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। विरोध होगा। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा।

मिथुन (Gemini)
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। आनंददायक यात्रा होगी। जोखिम न लें। निवेश शुभ रहेगा। प्रसन्नता रहेगी।

कर्क (Cancer)
बुरी खबर मिल सकती है। विवाद को बढ़ावा न दें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। मेहनत अधिक होगी।

सिंह (Leo)
मेहनत का फल मिलेगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे।

कन्या (Virgo)
अतिथियों पर समय व धन व्यय होगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा।

तुला (Libra)
भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। लाभ होगा।

वृश्चिक (Scorpio)
वस्तुएं संभालकर रखें। व्ययवृद्धि होगी। दूसरों पर विश्वास न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा।

धनु (Sagittarius)
घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। लेनदारी वसूल होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। चिंता रहेगी।

मकर (Capricorn)
व्यवसाय में वृद्धि होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। निवेश, नौकरी व यात्रा अनुकूल लाभ देंगे।

कुंभ (Aquarius)
धर्मस्थल के दर्शन होंगे। राजकीय बाधा दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

मीन (Pisces)
जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कुसंगति से हानि होगी। लेन-देन में सावधानी रखें। धैर्य रखें।

Posted By PT ASHISH TRIPATHIजुलाई 20, 2018

दुनिया का पहला विश्व विद्यालय

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दुनिया का पहला विश्व विद्यालय सात सौ   ईसा पूर्व तब के हिंदुस्तान  और अभी में पाकिस्तान के तक्ष शिला जो की रावल पिंडी के पास है यह पाकिस्तान के रावल पिंडी में पचास किलोमीटर पश्चिम की और स्थित है / ये हिन्दू वैदिक और  बुद्ध धर्म  के लोगो का महतवपूर्ण केंद्र था  / ये नालंदा विश्वविद्यालय  की तरह बहुत  अच्छा नहीं था / यहाँ पर पूरी दुनिया से करीब दस हज़ार पाच सौ छात्र करीब साठ  विभिन्न विषयो  की शिक्षा लेते थे / विभिन्न विषयो में विज्ञानं गणित आयुर्वेद ,राजनीती ज्योतिष संगीत धर्म युद्ध खगोल विज्ञान  और दर्शन  शास्त्र की शिक्षा लेते थे / तक्षशिला मे प्रवेश के लिए  न्यूनतम आयु सोलह साल थी / तक्षशिला में प्रवेश  के  बाद छात्र चुने गए   विषय  की शिक्षा  सीधे उस विषय के आचार्य  से लेता था / जिसका की एक निश्चित शुल्क हुआ करता था अगर कोई छात्र शुल्क नहीं दे पा रहा है तो अपने  आचार्य और तक्षशिला के कार्यो में योगदान दे कर अपना  शुल्क अदा  करता था / वेदों के साथ युद्ध कौशल में अपने  तरह से तीरंदाजी की शिक्षा दी जाती थी जिनमे कानून  चिकित्सा और सैन्य विज्ञानं  भी शामिल था / तक्षशिला मुख्य  रूप से चिकित्सा विज्ञानं के लिए प्रसिद्ध था /

पाणिनि प्रसिद्ध संस्कृत व्याकरण कर्ता ,कौटिल्य  चाणक्य और चारका प्रसिद्ध प्राचीन भारत के चिकित्सक,   चन्द्र गुप्त मौर्या  जैसे नाम इस विश्वव्ध्यालय के ही है कनिष्क के शासनकाल के दौरान तक्षशिला का महत्व उच्च शिक्षा के लिए और बड़  गया था / तक्षशिला से चाणक्य का नाम जुदेन्य के बाद इसकी उपयोगित ज्यादा हो गे थी /कहा जाता है की प्रसिद्ध ग्रंथ अर्थशास्त्र (अर्थशास्त्र के ज्ञान के लिए संस्कृत),चाणक्य द्वारा तक्षशिला में संयोजित किया गया था / यूनेस्को की वेब साईट में तक्षशिला को विश्व की धरोहर के रूप में सूचीबद्ध भी किया गया है /

Posted By PT ASHISH TRIPATHIजुलाई 20, 2018

गुरुवार, 19 जुलाई 2018

।। आज का राशिफल 20 जुलाई 2018 ।।

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पंडित आशीष त्रिपाठी
।। माँ काली की कृपा आप पर सदैव बनी रहे ।।

आज का राशिफल 20 जुलाई 2018
मेष (Aries)
परिवार की चिंता रहेगी। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी। धनार्जन होगा।

वृष (Taurus)
विरोधी सक्रिय रहेंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। संपत्ति के कार्य लाभप्रद रहेंगे।

मिथुन (Gemini)
लेन-देन में सावधानी रखें। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा।

कर्क (Cancer)
वाणी पर नियंत्रण रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। दु:खद समाचार मिल सकता है, बाकी सामान्य रहेगा।

सिंह (Leo)
घर-परिवार में प्रसन्नता रहेगी। प्रयास सफल रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। धनार्जन होगा। शत्रु शांत रहेंगे।

कन्या (Virgo)
शुभ समाचार प्राप्त होंगे। मेहमानों का आगमन होगा। प्रसन्नता रहेगी। विवाद न करें। लाभ होगा।

तुला (Libra)
बेचैनी रहेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। रोजगार मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। यात्रा होगी।

वृश्चिक (Scorpio)
अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। विवाद से क्लेश होगा। लेन-देन में सावधानी रखें। जोखिम न लें।

धनु (Sagittarius)
चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। डूबी हुई रकम प्राप्त होगी। सम्मान मिलेगा। यात्रा सफल रहेगी।

मकर (Capricorn)
बड़ी समस्या हो सकती है। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। नए अनुबंध होंगे। लाभ होगा। वस्तुएं संभालकर रखें।

कुंभ (Aquarius)
मान बढ़ेगा। अध्यात्म में रुचि रहेगी। कोर्ट व कचहरी के काम बनेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा।

मीन (Pisces)
चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। पुराना रोग उभर सकता है, जोखिम न लें।

Posted By PT ASHISH TRIPATHIजुलाई 19, 2018

विषयोग आपकी कुंडली मे तो नही है विषयोग

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विषयोग (CHANDRA SE NIRMIT YOG)कुण्डली में विषयोग (Visha yoga) का निर्माण शनि और चन्द्र की स्थिति के आधार पर बनता है.शनि और चन्द्र की जब युति होती है तब अशुभ विषयोग बनता है. लग्न में चन्द्र पर शनि की तीसरी,सातवीं अथवा दशवी दृष्टि होने पर यह योग बनता है.कर्क राशि में शनि पुष्य नक्षत्र में हो और चन्द्रमा मकर राशि में श्रवण नक्षत्र का हो और दोनों का परिवर्तन योग हो या फिर चन्द्र और शनि विपरीत स्थिति में हों और दोनों की एक दूसरे पर दृष्टि हो तब विषयोग की स्थिति बनती है.सूर्य अष्टम भाव में,चन्द्र षष्टम में और शनि द्वादश में होने पर भी इस योग का विचार किया जाता है. कुण्डली में आठवें स्थान पर राहु हो और शनि मेषकर्कसिंह या वृश्चिक लग्न में हो तो VISH YOG होता है.
कुण्डली में शनि और चन्द्र की युति प्रथम भाव में होती है वह व्यक्ति विषयोग के प्रभाव से अक्सर बीमार रहता है.व्यक्ति के पारिवारिक जीवन में भी परेशानी आती रहती है.ये शंकालु और वहमी प्रकृति के होते हैं
कुण्डली में द्वितीय भाव में यह योग बनता है पैतृक सम्पत्ति से सुख नहीं मिलता है.कुटुम्बजनों के साथ इनके बहुत अच्छे सम्बन्ध नहीं रहते.गले के ऊपरी भागों में इन्हें परेशानी होती है.नौकरी एवं कारोबार में रूकावट और बाधाओं का सामना करना होता है.
तृतीय स्थान में विषयोग सहोदरो के लिए अशुभ होता है.इन्हें श्वास सम्बन्धी तकलीफ का सामना करना होता है.
चतुर्थ भाव का विषयोग माता के लिए कष्टकारी होता है.अगर यह योग किसी स्त्री की कुण्डली में हो तो स्तन सम्बन्धी रोग होने की संभावना रहती है.जहरीले कीड़े मकोड़ों का भय रहता है एवं गृह सुख में कमी आती है
पंचम भाव में यह संतान के लिए पीड़ादायक होता है.शिक्षा पर भी इस योग का विपरीत असर होता है.
षष्टम भाव में यह योग मातृ पक्ष से असहयोग का संकेत होता है.चोरी एवं गुप्त शत्रुओं का भय भी इस भाव में रहता सप्तम स्थान कुण्डली में विवाह एवं दाम्पत्य जीवन का घर होता है इस भाव मे विषयोग दाम्पत्य जीवन में उलझन और परेशानी खड़ा कर देता है.पति पत्नी में से कोई एक अधिकांशत: बीमार रहता है.ससुराल पक्ष से अच्छे सम्बन्ध नहीं रहते.साझेदारी में व्यवसाय एवं कारोबार नुकसान देता है.
अष्टम भाव में चन्द्र और शनि की युति मृत्यु के समय कष्ट का सकेत माना जाता है.इस भाव में विषयोग होने पर दुर्घटना की संभावना बनी रहती है.
नवम भाव (9th house) का विषयोग त्वचा सम्बन्धी रोग देता है.यह भाग्य में अवरोधक और कार्यों में असफलता दिलाता है.
दशम भाव (10th house)में यह पिता के पक्ष से अनुकूल नहीं होता.सम्पत्ति सम्बन्धी विवाद करवाता है.नौकरी में परेशानी और अधिकारियों का भय रहता है.
एकादश भाव (11th house) में अंतिम समय कष्टमय रहता है और संतान से सुख नहीं मिलता है.कामयाबी और सच्चे दोस्त से व्यक्ति वंचित रहता है.
द्वादश भाव (12th house)में यह निराशाबुरी आदतों का शिकार और विलासी एवं कामी बनाता है.
विषयोग के उपाय: भगवान नीलकंठ महादेव की पूजा एवं महामृत्युजय मंत्र जप से विष योग में लाभ मिलता है. शनि देव एवं चन्द्रमा की पूजा भी कल्यणकारी होती है.

Posted By PT ASHISH TRIPATHIजुलाई 19, 2018

बुधवार, 18 जुलाई 2018

आज का राशिफल 19 जुलाई 2018

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पंडित आशीष त्रिपाठी
।। माँ काली की कृपा आप पर सदा बनी रहे ।।

आज का राशिफल 19 जुलाई 2018
मेष (Aries)
संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। रोजगार में वृद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं, ध्यान रखें।

वृष (Taurus)
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। प्रमाद न करें।

मिथुन (Gemini)
बुरी खबर मिल सकती है। विवाद को बढ़ावा न दें। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा, बाकी सामान्य रहेगा।

कर्क (Cancer)
मेहनत का फल मिलेगा। कार्यसिद्धि से प्रसन्नता रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा।

सिंह (Leo)
उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। अतिथियों पर व्यय होगा। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। धनार्जन होगा।

कन्या (Virgo)
नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति होगी। रोजगार मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रमाद न करें।

तुला (Libra)
चोट व रोग से बचें। कुसंगति से हानि होगी। व्ययवृद्धि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।

वृश्चिक (Scorpio)
यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। बकाया वसूली होगी। व्यवसाय लाभदायक रहेगा।

धनु (Sagittarius)
कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। योजना फलीभूत होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी।

मकर (Capricorn)
राजकीय सहयोग मिलेगा। तंत्र-मंत्र में रुचि बढ़ेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। धनार्जन होगा।

कुंभ (Aquarius)
जोखिम व जमानत के कार्य टालें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। वस्तुएं संभालकर रखें। धैर्य रखें।

मीन (Pisces)
व्यवसाय ठीक चलेगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। धनार्जन होगा। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा।

Posted By PT ASHISH TRIPATHIजुलाई 18, 2018

किसानों का दर्द आशीष की कलम से

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Posted By PT ASHISH TRIPATHIजुलाई 18, 2018